
1987 - goa acquisition
भारत की आजादी के बाद 30 मई 1987 को गोवा भारत के 25वें राज्य के रुप में अस्तित्व में आया। गोवा क्षेत्रफल के हिसाब से भारत का सबसे छोटा और जनसंख्या के हिसाब से चौथा सबसे छोटा राज्य है। पूरी दुनिया में गोवा अपने समुंदर के खूबसूरत किनारों और मशहूर स्थापत्य के लिए जाना जाता है।
गोवा पहले पुर्तगाल का एक उपनिवेश था। पुर्तगालियों ने गोवा पर लगभग 450 सालों तक शासन किया और दिसंबर 1961 में यह भारतीय प्रशासन को सौंपा गया।गोवा के इतिहास की शुरुआत् तीसरी सदी ईसा पूर्व से हुई जब यहां मौर्य वंश का शासन था। इसके बाद पहली सदी के शुरुआत में इस पर कोल्हापुर के सातवाहन वंश के शासकों का अधिकार स्थापित हुआ और फिर बादामी के चालुक्य शासकों ने इस पर वर्ष 580 से 750 तक राज किया। इसके बाद गोवा पर कई अलग अलग शासकों ने राज किया।
वर्ष 1312 में गोवा पहली बार दिल्ली सल्तनत के अधीन हुआ लेकिन दिल्ली सल्तनत को विजयनगर के शासक हरिहर प्रथम ने गोवा से खदेड़ दिया गया। अगले सौ सालों तक विजयनगर के शासकों ने गोवा पर शासन किया और 1469 में गुलबर्ग के बहामी सुल्तान द्वारा फिर से दिल्ली सल्तनत का हिस्सा बना लिया गया। बहामी शासकों के पतन के बाद बीजापुर के आदिल शाह का यहां कब्जा हुआ जिसने गोअ-वेल्हा हो अपनी दूसरी राजधानी बनाई। 1510 में पुर्तगालियों ने एक स्थानीय सहयोगी, तिमैया की मदद से सत्तारूढ़ बीजापुर सुल्तान यूसुफ आदिल शाह को पराजित किया और वेल्हा गोवा में एक स्थायी राज्य की स्थापना की।
यह गोवा में पुर्तगाली शासन का प्रारंभ था जो अगली साढ़े चार सदियों तक चला। भारत ने 1947 में अंग्रेजों से आजादी के बाद भारत ने अनुरोध किया कि भारतीय उपमहाद्वीप में पुर्तगाली प्रदेशों को भारत को सौंपा जाए। किंतु पुर्तगाल ने अपने भारतीय परिक्षेत्रों की संप्रभुता पर बातचीत करना अस्वीकार कर दिया।
19 दिसंबर 1961 को भारतीय सेना ने गोवा, दमन, दीव के भारतीय संघ में विलय के लिए ऑपरेशन विजय के साथ सैन्य कार्रवाई शुरु कर दी, इसके परिणामस्वरूप गोवा, दमन और दीव भारत के केन्द्र प्रशासित शासित राज्य बन गए। 30 मई 1987 को केंद्र शासित प्रदेश को विभाजित किया गया था, और गोवा भारत का पच्चीसवां राज्य बनाया गया। जबकि दमन और दीव केंद्र शासित प्रदेश ही रहे।
Published on:
13 Aug 2017 08:06 am
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