
नई दिल्लीः देश की राजधानी में 45 मंजिल एक आलीशान इमारत बनने जा रही है जिसके ऊपरी मंजिली से पूरी दिल्ली का नजारा देखा जा सकता है। मध्य दिल्ली के करोलबाग इलाके में निर्माणाधीन यह इमारत राजधानी की सबसे ऊंची इमारत होगी। अब तक सिविक सेंटर को सबसे ऊंची इमारत माना जाता है जिसमें 28 मंजिल हैं। लोगों के लिए आलीशान रिहायशी सुविधायुक्त इस इमारत को विकसित करने के लिए दिल्ली के युनिटी ग्रुप और इटली के लग्जरी ब्रांड वर्ससाचे ने गुरुवार को साझेदारी की घोषणा की।
कुतुब मीनार से ऊंची होगी इमारत
यह रिहायसी टॉवर कुतुब मीनार से भी ऊंची होगी। कुतुब मीनार (72 मीटर) की ऊंचाई के समान ऊंचाई पर इस निर्माणाधीन इमारत में 20वीं मंजिल पर स्काईवाक की सुविधा है। अमेरीलिस के करीब 40 एकड़ के परिसर स्थित आइकॉनिक टॉवर की ऊंचाई 182 मीटर होगी जोकि दिल्ली के इस समय सबसे ऊंची इमारत सिविक सेंटर (108 मीटर) से भी ऊंची इमारत होगी। डेवलपर के मुताबिक, अमेरीलिस का पूरा परिसर 2023 तक पूरा होगा जबकि वर्साचे आइकॉनिक टॉवर 2022 तक पूरा होने की उम्मीद है। अमेरीलिस में कुल 2500 रिहायशी यूनिट होंगे जबकि आइकॉनिक टॉवर में सिर्फ 160 यूनिट होंगे। इस टॉवर के 45वीं मंजिल पर स्थित स्वीमिंग पुल से लोग पूरी दिल्ली का नजारा देख पाएंगे।
वर्ससाचे और युनिटी ग्रुप बनाएगा इमारत
यूनिटी ग्रुप के डायरेक्टर ने बताया कि यूनिटी ग्रुप दिल्ली में इससे पहले मॉल, व्यासायिक भवन, परिसर का निर्माण किया है। पहली बार ग्रुप रिहायशी इमारत बनाने जा रहा है, जोकि उच्च आय वर्ग के लोगों (एचएनआई) के लिए है। इस रिहायशी टावर से कनॉट प्लेस, राष्ट्रपति भवन, लाल किला, जामा मस्जिद समेत अन्य इलाकों का नजारा आसानी से देखा जा सकेगा। वर्साचे एस. पी. ए. के वर्ल्डवाइड लाइसेंसिंग और होम डिवीजन की डायरेक्टर गैबरीला सारासिनो ने कहा, "भारत हमारे ब्रांड के लिए तेजी से उभरता एक बड़ा बाजार है। वर्साचे को इंटीरियर डिजाइन के क्षेत्र में महारत हासिल है और यूनिटी ग्रुप के साथ हम दिल्ली में बेहतर अहसास दिलाने वाली रिहायशी सुविधा प्रदान करने जा रहे हैं।"
Published on:
26 Apr 2018, 7:20 PM IST
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