मुसीबत की बाढ़ः असम-बिहार समेत 5 राज्यों में 70 लाख लोग प्रभावित, 40 से ज्यादा की मौत, हालात बदतर

मुसीबत की बाढ़ः असम-बिहार समेत 5 राज्यों में 70 लाख लोग प्रभावित, 40 से ज्यादा की मौत, हालात बदतर

Kaushlendra Pathak | Publish: Jul, 16 2019 12:02:15 PM (IST) | Updated: Jul, 16 2019 08:59:38 PM (IST) इंडिया की अन्‍य खबरें

  • Floods: बाढ़ के कारण अब तक 40 से ज्यादा की मौत
  • असम के 33 में से 31 जिले बाढ़ की चपेट में
  • NDRF की 119 टीमें बाढ़ पीड़ितों की मदद में जुटीं

नई दिल्ली। देश के कई राज्यों में बाढ़ ने विकराल रूप धारण कर लिया है। खासकर, बिहार ( Bihar ) और पूर्वोत्तर के राज्यों में बाढ़ से हाहाकार मचा हुआ है। 70 लाख से ज्यादा लोग अब तक बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं। वहीं, मरने वालों की संख्या 40 पार कर चुकी है। इस प्राकृतिक आपदा में लोगों की मदद के लिए एनडीआरएफ ( NDRF ) और एसडीआरएफ ( SDRF ) की टीमें 24 घंटे मुस्तैद हैं। लेकिन, हालात लगातार बद से बदतर होते जा रहे हैं।

 

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बिहार के 12 जिले बाढ़ से प्रभावित

जानकारी के मुताबिक, बिहार में मिथिलांचल से लेकर सीमांचल और कोसी क्षेत्र में बाढ़ का कहर जारी है।

राज्य के 12 जिलों में 25 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।

यहां अब तक 25 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। बाढ़ के कारण मोतिहारी जिले में सबसे ज्यादा 10 लोगों की मौत हुई है।

वहीं, अररिया में 9 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि, सीतामढ़ी में बाढ़ से अब तक 4 लोगों की मौत हुई है और किशनगंज में मौत का आंकड़ा तीन है।

दरभंगा में बाढ़ से अब तक दो लोगों के मरने की खबर है। जबकि, शिवहर में बाढ़ से एक शख्स की मौत हुई है।

पढ़ें- असम बाढ़: पानी में समाए 4157 गांव, काजीरंगा नेशनल पार्क भी डूबा 90 प्रतिशत तक डूबा

ये जिले हैं सबसे ज्यादा प्रभावित

हर साल की तरह इस बार भी बिहार में बाढ़ का तांडव जारी है।

9 जिलों में सबसे ज्यादा बाढ़ का कहर देखने को मिल रहा है।

इनमें इनमें दरभंगा, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, किनशनगंज, अररिया, शिवहर, सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण और सुपौल शामिल हैं।

सब कुछ तबाह

इसके अलावा मकानों और पशुओं का भी काफी नुकसान हुआ है।

इतना ही नहीं कई गांवों का तो नामोनिशान तक मिट गया है और केवल पानी ही पानी नजर आ रहा है।

हालात किस तरह से बद से बदतर होते जा रहे हैं इसका अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं।

हालांकि, NDRF और SDRF की टीमें बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए लगातार तैयार हैं।

 

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असम में भी बाढ़ ने धारण किया विकराल रूप

बिहार के अलावा पूर्वोत्तर राज्यों में भी बाढ़ का कहर जारी है।

असम के 33 में से 31 जिलों के 43 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं।

बाढ़ के कारण यहां अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है।

आलम यह है कि असम के 4157 गांव पानी में समा चुके हैं।

पशु-पक्षियों की आफत

गांव के साथ-साथ काजीरंगा नेशनल पार्क भी बाढ़ की चपेट आ गया है।

पार्क का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा डूब चुका है। इंसानों के साथ जानवर भी अपने लिए सुरक्षित ठिकाना तलाश रहे हैं।

पढ़ें- बिहार बाढ़: 9 जिलों के 18 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित, 25 से ज्यादा की मौत

लाखों लोगों पर आफत

सरकारी आंकड़ों के अनुसार बाढ़ से अब तक 42 लाख 86 हजार लोग प्रभावित हैं।

वहीं, असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के एक अधिकारी ने सोमवार को कहा कि 28 जिलों के 3,181 गांव प्रभावित हैं। बाढ़ ( Assam Flood ) से कुल 24,45,533 लोग प्रभावित हैं। अधिकारी ने कहा कि 90,000 हेक्टेयर कृषि भूमि बाढ़ से प्रभावित हैं। इसमें से कुछ भाग में फसल लगी थी।

 

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मेघालय भी बाढ़ से प्रभावित

बिहार, असम के साथ-साथ मेघालय भी बाढ़ से प्रभावित है। करीब सवा लाख लोग बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं।

ब्रह्मपुत्र और जिंजिराम नदियों ने कई इलाकों को डुबो दिया है। पश्चिम गारो पर्वतीय जिले के मैदानी इलाके बाढ़ की चपेट में हैं।

डेमडेमा ब्लॉक के 50 गांवों के और सेलसेल्ला ब्लॉक के 104 गांवों के नागरिक बाढ़ की चपेट में हैं।

 

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मिजोरम और त्रिपुरा भी बाढ़ की चपेट में

मिजोरम के खावथलांगतुईपुई नदी में बाढ़ से लुंगेई जिले में 32 गांवों के 700 घर बाढ़ में डूब चुके हैं। यहां से 800 परिवारों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है।

बारिश से मिजोरम में सोमवार तक पांच नागरिकों की मौत हुई है।

दो सौ परिवारों को केंद्रीय मिजोरम के सेरचिप जिले से निकाल सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है।

 

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त्रिपुरा का बुरा हाल

वहीं, त्रिपुरा में बाढ़ से 15 हजार लोग बेघर हो गए हैं। राजधानी अगरतला में बाढ़ से 10 हजार लोगों का ठिकाना बदल चुका है। उन्हें राहत शिविरों में शरण दी गई है।

बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए NDRF की 119 टीमें को लगाई गई है। हर टीम में 45 सदस्य हैं।

टीमों ने असम में करीब 3000 लोगों को बचाया है। वहीं, बिहार में अब तक 3310 लोगों को बचाया गया है।

जबकि 1.06 लाख नागरिकों को 196 राहत शिविरों में रखा गया है। इसी तरह असम में सवा तीन सौ राहत कैंप चलाए जा रहे हैं, जिनमें 16,596 नागरिकों को शरण दी गई है।

बाढ़ प्रभावित राज्यों के लिए दिल्ली में कंट्रोल रूम बनाया गया है।

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