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मोदी सरकार के 50 दिन: J-K में असामाजिक तत्‍वों को नियंत्रित करने के लिए भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार

50 days of modi government: गृह मंत्रालय सख्त, एक साथ उठाए कई कदम मोदी सरकार 2.0 में J-K बैंक में जारी भ्रष्‍टाचार पर चोट टेरर फंडिंग को लेकर जारी है कई एजेंसियों की कार्रवाई

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नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र एनडीए सरकार ने अपने 50 दिन पूरे कर लिए हैं। मोदी सरकार 2.0 से देश की जनता को काफी उम्मीदें है। इस दिशा में गृह मंत्रालय में जम्‍मू-कश्‍मीर की जनता को दशकों से घाटी में जारी आतंकी गतिविधियों, आसामाजिक तत्‍वों और भ्रष्‍टाचार की खेती से राहत दिलाने के लिए एक साथ कई कदम उठाए हैं।

मोदी सरकार 2.0 की प्राथमिकताएं तय

सबका साथ, सबका विकास और स‍बका विश्‍वास की नीति पर चलते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जम्मू कश्मीर में अपने कार्यों की प्राथमिकताएं लगभग तय कर दी हैं। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई, कानून के राज की स्थापना और छोटे या बड़े भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई इसमें शामिल है।

टेरर फंडिंग पर घातक वार

गृह मंत्रालय के निर्देश पर ईडी, एनआईए, सीबीआई, सीबीडीटी और जम्मू कश्मीर सरकार की कई एजेंसियां अपने अपने काम में लग गई हैं। अभी हाल में जहूर वाताली और अन्य आरोपियों के खिलाफ टेरर फंडिंग को लेकर कार्रवाई की गई है।
गुरुग्राम और जम्मू कश्मीर में इनसे जुड़ी संपत्तियों की कुर्की की गई। यासीन मलिक के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई हुई जिस पर 4 वायु सैनिकों की हत्या का आरोप है।

जेके बैंक के चेयरमैन परवेज नेंगरू के खिलाफ एसीबी की कार्रवाई

जम्मू कश्मीर में बड़े बड़े लोगों के खिलाफ भी भ्रष्टाचार को लेकर कार्रवाई जारी है। जेएंडके बैंक के चेयरमैन के खिलाफ शिकंजा कसा गया है। जम्मू कश्मीर में एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) का गठन किया गया है। दो महीने पहले ही एसीबी प्रमुख की नियुक्ति भी की गई है। एसीबी ने इन आरोपों पर जेएंडके बैंक के चेयरमैन के खिलाफ कार्रवाई की है।

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छानबीन में जुटी एसीबी

बता दें कि अच्छी छवि न होने के बावजूद जेएंडके बैंक के पूर्व चेयरमैन परवेज नेंगरू को सीए से चेयरमैन बना दिया गया। चेयरमैन बनते ही उन्होंने अपने भतीजे मुजफ्फर को जेएंडके बैंक में नौकरी दिलाई। बेटी शाजिया अंबरीन पीओ के तौर पर नियुक्त हुईं और फिलहाल हजरत बल शाखा में कार्यरत हैं। इसके साथ बैंक से संबंधि कई वित्तीय अनियमितताएं उभरकर सामने आई हैं। एसीबी इनमें से कई मामलों की छानबीन कर रही है।

डिफॉल्‍टर्स को बार बार दिए गए लोन

अभी तक की जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि आदतन डिफॉल्टर्स को बार बार लोन क्यों दिए गए। कई सीसी अकाउंट एनपीए में दर्ज हो गए थे। बैंक के नियमों को ताक पर रखते हुए सैकड़ों करोड़ रुपए के लोन पास किए गए।
बड़े डिफॉल्टर्स से रिश्वत लेकर लोन का मामला एक बार में सुलझा लिया गया। रॉयल स्प्रिंग गोल्फ कोर्स को सुंदर बनाने पर 8 करोड़ रुपए खर्च किए गए जबकि इसका आम लोगों से कोई वास्ता नहीं है।

बजट दिखाने के लिए कश्मीर लाइफ को 30 लाख रुपए दिया गया जबकि इसे कोई नहीं देखता। ऐसे कई गंभीर मामले हैं जिनके खिलाफ एसीबी जांच कर रही है।

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जम्मू-कश्मीर में मोदी सरकार ने किए ये काम

- भ्रष्टाचार और परिवारवाद पर अंकुश
- शासन को पुख्ता बनाने पर ध्यान
- भ्रष्‍ट्र रोजगार प्रणाली पर प्रहार
- टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग पर रोक
- आरबीआई की नीतियों के मुताबिक सीएमडी पोस्ट पर चयन

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J-K बैंक में भ्रष्‍टाचार पर चोट मजबूत राजनीति संदेश

जम्मू-कश्मीर बैंक में हुए भ्रष्टाचार पर चोट उन लोगों के लिए एक मजबूत राजनीतिक संदेश है, जिन्होंने पिछले तीन दशकों से कश्मीर घाटी और जम्मू-कश्मीर की राजनीतिको अपने नफरत के एजेंडे से बंधक बना रखा था।

जम्मू-कश्मीर बैंक अलगाववादियों से लेकर वंशवाद-आधारित राजनीतिक दलों तक, ऐसे कपटी लोगों का अड्डा बन चुका था, जो कश्मीर को अशांत बनाए रखना चाहते थे।

देश व प्रदेश के लोगों ने देखा है कि इस बैंक में संदिग्ध लेनदेन हो रहा था और असामाजिक तत्वों केलिए यह पैसों के लेनदेन का एक आसान जरिया बन गया था।

बैंक के खिलाफ कार्रवाई से पारदर्शिता आई और जवाबदेही सुनिश्चित हुई। यह एक ऐसा कदम है जिससे राज्य में शांति और स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा।