हालांकि, सतीश से इस परेशानी का हल खोजते हुए घोड़े से ऑफिस आने-जाने की सोची। उन्होंने इस बारे में सोचते हुए घोड़ा खरीदने का फैसला भी किया है। पत्र में सतीश ने लिखा है कि अगर घोड़े से ऑफिस आने की अनुमति मिले, तो समय पर कार्यालय पहुंच सकता हूं। कलेक्टर को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि अगर मैं घोड़े से ऑफिस आता हूं, तो उसे कार्यालय परिसर में बांधने की अनुमति दी जाए।