
सालों बाद आडवाणी का बड़ा खुलासा, बोले- इस कारण मोदी को लेकर हो गया था अटल से मतभेद
नई दिल्ली। आज देश के पूर्व प्रधानमंत्री और दिवंगत नेता अटल बिहारी वाजपेयी का जन्मदिन है। भाजपा को इस मुकाम तक पहुंचाने में वाजपेयी और लाल कृष्ण आडवाणी का योगदान सबसे ज्यादा है। एक समय था इस जोड़ी के आगे कई दिग्गज नतमस्तक थे। लेकिन, हाल ही में आडवाणी ने कई साल पहले का एक राज का खुलासा किया है, जिसके बारे में कम ही लोग जानते होंगे।
जब अटल-आडवाणी का हो गया था मतभेद
भाजपा के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी ने हाल में एक अपने लेख में जिक्र किया है कि अटल बिहारी वाजपेयी और उनके बीच नरेंद्र मोदी को लेकर मतभेद हो गए थे। आडवाणी ने कहा कि गुजरात में सांप्रदायिक हिंसा के बाद तत्कालीन सीएम नरेन्द्र मोदी से इस्तीफा मांगने को लेकर तत्कालीन पीएम वाजपेयी से उनका मतभेद हो गया था। 'अटल स्मृति अंक' में अपने लेख में उन्होंने लिखा कि जब गोधरा में कार सेवकों को जिंदा जलाए जाने के बाद गुजरात में दंगे भड़क उठे थे, तब विपक्षी दलों ने नरेंद्र मोदी का इस्तीफा मांगा था। उस वक्त एनडीए और बीजेपी में कुछ लोग सोचने लगे थे कि मोदी को इस्तीफा दे देना चाहिए। आडवाणी लिखते हैं कि मेरी राय में नरेंद्र मोदी अपराधी नहीं थे, बल्कि वे खुद राजनीति का शिकार हो गए थे। मैंने अनुभव किया कि एक साल से भी कम समय पहले सीएम बने मोदी को कठिन साम्प्रदायिक स्थिति का शिकार बनाना अन्याय होगा।
दो बार अटर-आडवाणी का हुआ था मतभेद
आडवाणी ने आगे लिखा कि मोदी से इस्तीफा मांगने अटलजी पर लगातार दबाव बढ़ रहा था। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में जसवंत ने इस मुद्दा को उछाला और अटलजी से पूछा कि आप क्या सोचते हैं। इसपर अटल जी ने कहा कि कम से कम इस्तीफे की पेशकश तो करते। जिसपर आडवानी ने कहा कि तब मैंने बोला कि अगर उनके इस्तीफे से गुजरात के हालात में कुछ सुधार होता है, तो उनसे इस्तीफा मांगा जाए, लेकिन मुझे नहीं लगता है कि इसमें कुछ बदलाव होगा। उन्होंने इस बाबत मोदी से भी बात की और वो इस प्रस्ताव को मान गए। लेकिन, सबके सामने मोदी ने इस्तीफे की बात कही तो सबने कहा कि इस्तीफा मत दो और इस तरह से यह मामला सुलझ गया। लेकिन, इस दौरान अटलजी से आडवाणी का मतभेद हो गया था। इतना ही नहीं आडवाणी ने कहा कि एक बार राम मंदिर को लेकर भी अटलजी से मनमुटाव हुआ था। अयोध्या आंदोलन से भाजपा के जुड़ने पर अटलजी को आपत्ति थी। लेकिन, बाद में सामूहिक निर्णय के बाद अटलजी मान गए। इस तरह से दो मामलों पर दो बार अटल और आडवाणी के बीच मतभेद हुआ था।
Published on:
25 Dec 2018 04:34 pm
