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अमृतसर हादसाः मां ने यों बचाई जान, बेटा बोला- …तो मैं भी टुकड़ों में बंट जाता

पवन की मां बिट्टू देवी ने भी रूह कंपा देने वाला वो मंजर देखा जिसने 60 से ज्यादा जिंदगियों को मौत के घाट उतार दिया।
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नई दिल्ली

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Pritesh Gupta

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Updated: 20 Oct 2018, 1:09 PM IST

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अमृतसर हादसाः मां ने यों बचाई जान, बेटा बोला- ...तो मैं भी टुकड़ों में बंट जाता

अमृतसर। पंजाब में दशहरे के मौके पर हुए हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। हादसे के बाद कई ऐसी कहानियां सामने आ रही हैं जो दिल को छू जाती है। घटनास्थल के ठीक पास रहने वाले एक 17 साल के किशोर की दास्तां भी कुछ ऐसी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यहां रहने वाले पवन कुमार ने बताया कि वो भी दशहरा देखने के लिए अपने दोस्तों के साथ रेलवे ट्रैक की तरफ जाने वाला था लेकिन मां ने रोक दिया। उसका कहना है कि इसी वजह से उसकी जान बच गई।

'...तो मैं भी टुकड़ों में बंटा होता'

शुक्रवार को पवन की मां बिट्टू देवी ने भी रूह कंपा देने वाला वो मंजर देखा जिसने 60 से ज्यादा जिंदगियों को मौत के घाट उतार दिया। मां के साथ पवन ने भी इस भयानक मंजर को देखा। जब हादसा हुआ तब वह अपने घर की सजावट में जुटा था। उसके कई दोस्त रेल पटरी पर खड़े होकर रावण दहन देख रहे थे। पवन का कहना है, 'मां ने लड़ियां लगाने को कहा था इसलिए मैं नहीं गया। ऐसा नहीं हुआ होता तो मैं भी वहां होता और टुकड़ों में बंटा होता।'

18 शवों की नहीं हो पाई शिनाख्त

गौरतलब है कि इस हादसे में अब तक 61 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लगभग 110 लोग घायल हो चुके हैं। कई घायलों की हालत बेहद गंभीर है। वहीं करीब 18 शवों की अब तक शिनाख्त भी नहीं हो पाई है। मुख्यमंत्री ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं और तीन हफ्तों के भीतर जांच रिपोर्ट मांगी है।