शुक्रवार को पवन की मां बिट्टू देवी ने भी रूह कंपा देने वाला वो मंजर देखा जिसने 60 से ज्यादा जिंदगियों को मौत के घाट उतार दिया। मां के साथ पवन ने भी इस भयानक मंजर को देखा। जब हादसा हुआ तब वह अपने घर की सजावट में जुटा था। उसके कई दोस्त रेल पटरी पर खड़े होकर रावण दहन देख रहे थे। पवन का कहना है, 'मां ने लड़ियां लगाने को कहा था इसलिए मैं नहीं गया। ऐसा नहीं हुआ होता तो मैं भी वहां होता और टुकड़ों में बंटा होता।'