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कोरोना संकट के बीच 1.85 करोड़ लोगों को मनरेगा के तहत की गई काम की पेशकश

केंद्र सरकार ने बताया कि मई 2021 में 1.85 करोड़ लोगों से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत काम करने की पेशकश की गई है। यह मई 2019 में इसी अवधि के दौरान दी गई नौकरियों की तुलना में 52 प्रतिशत अधिक है, जो प्रतिदिन 1.22 करोड़ व्यक्ति हैं।
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नई दिल्ली

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Anil Kumar

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Updated: 17 May 2021, 10:42 PM IST

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Central Govt offers work to 1.85 crore people under MGNREGA in midst of Corona crisis

नई दिल्ली। कोरोना महामारी के प्रकोप के बीच लाखों लोगों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है, जबकि करोड़ों लोग बेरोजगार हुए हैं। ऐसे में तमाम लोगों के बीच आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। लेकिन इन सब परेशानियों के बीच कुछ लोगों के लिए खुशखबरी भी आई है। दरअसल, करीब दो करोड़ लोगों को मनरेगा के तहत रोजगार भी मिला है।

केंद्र सरकार ने सोमवार को जानकारी देते हुए बताया है कि मई, 2021 में 1.85 करोड़ लोगों से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत काम करने की पेशकश की गई है। यह मई 2019 में इसी अवधि के दौरान दी गई नौकरियों की तुलना में 52 प्रतिशत अधिक है, जो प्रतिदिन 1.22 करोड़ व्यक्ति हैं।

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वहीं, 13 मई 2021 तक के सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्तवर्ष 2021-22 में 2.95 करोड़ व्यक्तियों को 5.98 लाख सार्वजनिक संपत्ति निर्माण को पूरा करने और 34.56 करोड़ व्यक्ति-दिनों का सृजन करने के लिए काम की पेशकश की गई है।

कोरोना से निपटने के लिए लोगों को किया जा रहा प्रशिक्षित

मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है, "ग्रामीण भारत उग्र कोविड महामारी की दूसरी लहर की चपेट में है, ग्रामीण विकास मंत्रालय ने सुनिश्चित किया है कि देशभर में विकास कार्य प्रभावित न हों। इस अवधि के दौरान, देश ने विभिन्न योजनाओं में गति और प्रगति देखी है। मंत्रालय ने विकास कार्यों के अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड-19 स्थिति से निपटने के लिए राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर नोडल व्यक्तियों को भी प्रशिक्षित किया है।"

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राहत प्रदान करने और रोजगार पैदा करने के उद्देश्य से वित्तवर्ष 2021 में महिला स्वयंसहायता समूहों को रिवॉल्विंग फंड और कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड की राशि के रूप में लगभग 56 करोड़ रुपये जारी किए गए। इसकी तुलना में वित्तवर्ष 2020 में इसी अवधि में लगभग 32 करोड़ रुपये जारी किए गए थे।