
नई दिल्ली। चंद्रयान-2 से लैंडर विक्रम का संपर्क टूटने के बाद इसरो के वैज्ञानिक उससे दोबारा संपर्क साधने की कोशिश में लगे हुए हैं। अपने तय समय पर चंद्रमा पर लैंडिंग ना हो पाने की वजह से बीते 7 सितंबर को वैज्ञानिकों में निराशा दिख रही थी लेकिन उन्होंने उम्मीद छोड़ी नहीं हैं। वह लगातार लैंडर विक्रम से संपर्क साधने में लगे हुए हैं। इस बीच अपने अटपटे बयाने को लेकर चर्चा में रहने वाले आरएसएस के पूर्व कार्यकर्ता नेता संभाजी भिडे का चंद्रयान-2 को लेकर अजीबोगरीब बयान सामने आया है।
संभाजी का कहना है कि अमरीका चंद्रमा पर अपना अंतरिक्षयान भेजने की 39वीं कोशिश में इसलिए सफल रहा था कि उसने इसे एकादशी के दिन इसे भेजा था। भारत को भी किसी शुभ मुहूरत पर ऐसा करना होगा।
दरअसल, सोलापुर में किसी कार्यक्रम में बोलते हुए आरएसएस के पूर्व कार्यकर्ता भिडे ने कहा, अमरीका ने 38 बार चंद्रमा की सतह पर अपना अंतरिक्षयान भेजने की कोशिश। लेकिन 38 बार उसे असफलता ही हाथ लगी। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि इतनी बार मिशान के फेल हो जाने के बाद एक अमरीकी वैज्ञानिक ने उन्हें भारतीय काल गणना अपनाने का सुझाव दिया था। जिसे फॉलो करते हुए 39वीं कोशिश में अमरीका ने चंद्रमा पर अपना अंतरिक्षयान भेजने में सफलता हासिल की थी।
आपको बता दें कि भिडे अपने अजोबो-गरीब बयान के लिए जाने जाते हैं। इससे पहले उन्होंने नासिक में कहा था कि मेरे बाग का आम खाने वाली कुछ महिलाओं ने बेटों को जन्म दिया है। बता दें कि भिडे जनवरी 2008 के भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले के आरोपियों में से एक हैं।
Updated on:
10 Sept 2019 02:29 pm
Published on:
10 Sept 2019 02:23 pm
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