
Naveen Patnaik
भुवनेश्वर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने राज्य की जनता को एक तोहफा दिया है। दरअसल, मंगलवार को मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने राज्य फूड सिक्योरिटी स्कीम की शुरुआत करते हुए 1 रुपए किलो चावल देने का ऐलान किया है। इस स्कीम के तहत गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों को हर महीने पांच किलों चावल दिया जाएगा, जो 1 रुपए किलो की दर से मिलेगा। सीएम के इस ऐलान के बाद राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून 2013 से वंचित लोगों को इस स्कीम लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने जुलाई में ही कर दी थी इस योजना की घोषणा
मंगलवार को मुख्यमंत्री ने इस योजना का शुभांरभ करते हुए जिलाधिकारियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग भी की, जिसमें इस योजना की जानकारी दी गई। आपको बता दें कि फूड स्कीम को मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने जुलाई में घोषित किया था। उनका कहना है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून में ओडिशा की गरीब जनता कवर नहीं हो पा रही है। केंद्र ने 2011 की जनगणना को आधार बनाया था। इस प्रकार भारी संख्या में परिवार छूट रहे थे। ओडिशा राज्य फूड सिक्योरिटी स्कीम में सभी गरीब परिवार कवर किए जा रहे हैं।
सरकार पर 442 करोड़ रुपए सलाना खर्च का पड़ेगा भार
सरकार का दावा है कि राज्य में 25 लाख ऐसे लोग हैं जो नेशनल फूड सिक्योरिटी कानून में कवर नहीं हो रहे थे, वो अब इस योजना में कवर हो जाएंगे। इस स्कीम में परिवार के हर सदस्य को पांच किलो चावल हर महीने एक रुपये किलो के हिसाब से मिलेगा। इसमें राज्य सरकार को 442 करोड़ रुपया सालना अतिरिक्त खर्च उठाना होगा। अक्टूबर 2018 से मार्च 2019 तक 221 करोड़ का सरकारी खजाने पर अतिरिक्त खर्च का भार पड़ेगा।
आज से ही लोगों को मिलने लगेगा 1 रुपए किलो चावल- खाद्य आपूर्ति मंत्री
ओडिशा खाद्य आपूर्ति और उपभोक्ता कल्याण मंत्री सूर्य नारायण पात्र का कहना है कि यह स्कीम पूरी तरह से राज्य द्वारा वित्त पोषित है। एक अनुमान के मुताबिक 30 सितंबर 2018 तक राज्य के 18.20 लाख लोग इस योजना में सूचीबद्ध हैं। इन्हें दो अक्टूबर यानी मंगलवार से एक रुपये किलो की दर से चावल मिलेगा। करीब 6.68 लाख लोगों के नाम 10 अक्तूबर तक जोड़ा जाएगा। इस प्रकार यह संख्या 25 लाख तक पहुंच जाएगी।
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के इस ऐलान को अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। आपको बता दें कि ओडिशा में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इस योजना से मिलती-जुलती योजना छत्तीसगढ़ में भी चल रही है।
Updated on:
02 Oct 2018 03:35 pm
Published on:
02 Oct 2018 03:35 pm
