दरअसल, दवा परीक्षण के पहले दो चरण सुरक्षा के लिए होते हैं। जबकि तीसरा दवा की प्रभावकारिता का परीक्षण करता है। हर चरण को पूरा होने में कई महीने या कई बार साल भी लग सकते हैं। हेल्थ मिनिस्ट्री का यह बयान उस विवाद के बाद आया है जिसमें इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (ICMR) द्वारा 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) तक और जारी करने का लक्ष्य रखा गया था।