सुनंदा पुष्कर केस में शशि थरूर आरोपी हैं या नहीं, कोर्ट आज सुना सकती है फैसला

सुनंदा पुष्कर की मौत के मामले में शशि थरूर को आरोपी बनाए जाने पर सोमवार को दिल्ली की अदालत ने सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता शशि थरूर के विरुद्ध उनकी पत्नी सुनंदा पुष्कर की हत्या के मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। अदालत में जज गीतांजलि गोयल ने इस पूरे केस पर थरूर के वकील तथा दिल्ली पुलिस की दलीलें सुनी। बहस के दौरान दिल्ली पुलिस ने थरूर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 306 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने सहित अन्य धाराओं में अदालत से आरोप तय करने की अपील की थी।

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दिल्ली पुलिस की दलीलों का जवाब देते हुए थरूर के वकील विकास पाहवा ने कहा कि एसआईटी जांच में उनके मुवक्किल को पूरी तरह निर्दोष पाया गया है, ऐसे में उन पर किसी तरह का आरोप तय करना निरर्थक है।

उल्लेखनीय है कि शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर 17 जनवरी 2014 की रात एक होटल में मृत मिली थीं। सुनंदा पुष्कर के परिवार तथा मित्रों ने उन्हें एक साहसी महिला बताते हुए कहा था कि वह आत्महत्या नहीं कर सकती थीं। इस पूरे मामले में दिल्ली पुलिस ने शशि थरूर के विरुद्ध धारा 498-ए तथा धारा 306 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया था। थरूर को पांच जुलाई 2018 को कोर्ट से जमानत भी मिल गई थी।

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कोर्ट में शशि थरूर की ओर से दलील रखते हुए उनके वकील ने कहा कि पोस्टमॉर्टम और अन्य मेडिकल रिकॉर्ड से तय हो चुका है कि यह हत्या या आत्महत्या नहीं है, और न ही किसी गवाह ने थरूर के विरुद्ध क्रूरता तथा दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाया है। ऐसे में उनके विरुद्ध चल रहे इस मुकदमे का निपटारा कर शशि थरूर को दोषमुक्त करना चाहिए।

सुनील शर्मा
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