Covaxin: स्वदेशी COVID-19 Vaccine के पहले Human Trial से जगी उम्मीदें

  • एम्स दिल्ली में एक 30 वर्षीय युवक को दी गई वैक्सीन ( COVAXIN ) की पहली खुराक।
  • वैक्सीन ( covid-19 vaccine ) देने के दो घंटे तक युवक की निगरानी करने पर नहीं दिखा कोई दुष्प्रभाव ( side effects )।
  • देश की पहले कोरोना वैक्सीन को भारत बायोटेक ( Bharat biotech corona ), आईसीएमआर ( ICMR corona vaccine ) और एनआईवी ( National Institute of Virology ) ने संयुक्त रूप से किया है विकसित।

 

नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ लड़ाई में देश की संस्थाएं तेजी से लगी हुई हैं। इस कड़ी में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ( aiims delhi ) ने शुक्रवार को देश की पहली स्वदेशी कोरोना वायरस वैक्सीन ( corona vaccine Covaxin ) की पहली खुराक दिल्ली के रहने वाले एक 30 वर्षीय युवक को दी। एम्स की एथिक्स कमेटी द्वारा स्वदेश में विकसित की गई COVAXIN के पहले चरण के ह्युमन ट्रायल की अनुमति दिए जाने के बाद यह कदम उठाया गया। इस ट्रायल के शुरुआती नतीजे पॉजिटिव नजर आए हैं क्योंकि वैक्सीन लगाने के दो घंटे बाद तक युवक में कोई दुष्प्रभाव नहीं देखा गया और एक सप्ताह तक उस पर निगरानी रखी जाएगी।

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एम्स में कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग के सदस्य और इस शोध के प्रमुख जांचकर्ता प्रो. (डॉ) संजय राय ने बताया कि इस वैक्सीन का सबसे पहला डोज दिल्ली के एक युवक को दिया गया। उन्होंने कहा, "आज हमने Covaxin ( Covaxin Launch 15 August ) की पहली खुराक पहले वॉलेंटियर दिल्ली निवासी 30 वर्षीय व्यक्ति को दी। युवक की दो दिन पहले स्क्रीनिंग की गई थी और उसके शरीर के सभी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पैरामीटर सामान्य थे। युवक बिल्कुल स्वस्थ्य है और ना ही उसे कोई मौजूदा बीमारी है और ना ही कोई बीमारी पहले से।"

उन्होंने आगे कहा, "वैक्सीनेशन यानी टीका लगाने के बाद युवक की दो घंटे तक कड़ी निगरानी की गई। इस दौरान कोई भी त्वरित दुष्प्रभाव ( side effects ) नहीं देखा गया था। अब युवक पर एक सप्ताह तक नजर रखी जाएगी।"

डॉ. राय ने कहा कि वैक्सीन ( covid-19 vaccine ) के ह्युमन ट्रायल के लिए 3,500 से अधिक वॉलेंटियर्स ने पहले ही एम्स में पंजीकरण करा लिया है।" उन्होंने बताया, "22 लोगों की और स्क्रीनिंग जारी है और उनमें से केवल एक तिहाई को ही सामान्य मानकों पर सामान्य पाया गया है। कल और वॉलेंटियर्स की भी हेल्थ स्क्रीनिंग की रिपोर्ट आने के बाद सही स्वास्थ्य वाले लोगों को वैक्सीन दिया जाएगा।"

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मरीज को उसकी दैनिक चिकित्सा स्थिति को ध्यान में रखने के लिए एक स्वास्थ्य कार्ड प्रदान किया गया है और उसे अपनी दिनचर्या को बरकरार रखने के लिए भी कहा गया है। वैक्सीन दिए जाने के एक सप्ताह बाद तक डॉक्टर रोजाना टेलीफोन पर उसकी सेहत की जांच करेंगे।

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ( ICMR corona vaccine ) के अनुसार Covaxin का पहले और दूसरे चरण का क्लीनिकल ट्रायल 12 स्थानों पर रैंडम ढंग से चल रहा है। एम्स दिल्ली के अलावा एम्स पटना और कुछ अन्य स्थानों ॉपर ट्रायल हो रहा है।

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उन्होंने कहा, "कोई भी स्वस्थ व्यक्ति जो परीक्षण में भाग लेना चाहता है, वह [email protected] पर एक ईमेल भेज सकता है या 7428847499 पर एक एसएमएस या कॉल कर सकता है।"

उन्होंने आगे कहा कि वैक्सीन ( coronavirus vaccine by Bharat Biotech ) के ह्यूमन ट्रायल के पहले और दूसरे चरण के लिए AIIMS (दिल्ली) 375 स्वयंसेवकों में से केवल 100 प्रतिभागियों का ही चयन करेगा और शेष प्रतिभागियों का अन्य स्थानों पर अध्ययन किया जाएगा।

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इससे पहले शीर्ष दवा नियामक ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने Covaxin के ह्युमन क्लीनिकल ट्रायल के लिए अपनी हरी झंडी दे दी थी। इस वैक्सीन को हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक ( Bharat biotech corona vaccine ) द्वारा आईसीएमआर और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी ( National Institute of Virology ), पुणे के सहयोग से विकसित किया गया है।

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अमित कुमार बाजपेयी
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