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चीन ने रोका ब्रह्मपुत्र नदी का पानी, अरुणाचल प्रदेश पर मंडराया सूखे का खतरा

भारतीय सीमा में लगातार घुसपैठ की कोशिशों में जुटा चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रही है। इस बार चीन ने तिब्बत से होकर भारत में बहने वाली ब्रह्मपुत्र नदी का पानी रोक दिया है।
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नई दिल्ली

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Mohit sharma

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Updated: 19 Oct 2018, 9:12 AM IST

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चीन ने रोका ब्रह्मपुत्र नदी का पानी, अरुणाचल प्रदेश के बड़े भूभाग में सूखे की खतरा

नई दिल्ली। भारतीय सीमा में लगातार घुसपैठ की कोशिशों में जुटा चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रही है। इस बार चीन ने तिब्बत से होकर भारत में बहने वाली ब्रह्मपुत्र नदी का पानी रोक दिया है। जिससे भारत के बड़े प्रदेश अरुणाचल में सूखे का खतरा बढ़ गया है। आपको बता दें कि ब्रह्मपुत्र नदी पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश में एक बड़े भू—भाग को सींचती है। नदी का पानी रोके जाने से यहां के लोगों के सामने बड़ी मुसीबत खड़ी हो सकती है। वहीं, सूत्रों की मानें तो इस चाल के पीछे पड़ोसी मुल्क चीन की चाल सामने आई है।

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वहीं, अरुणाचल प्रदेश से कांग्रेस सांसद निनोंग एरिंग ने केंद्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल को पत्र लिखकर यहां पैदा होने वाले सूखे के हालात से अवगत कराया है। कांग्रेस सांसद ने अपने पत्र में ब्रह्मपुत्र नदी का पानी रोके जाने से अरुणाचल प्रदेश के तूतिंग, यिंगकियोंग और पासीघाट इलाके में बनने वाले सूखे के हालातों की जानकारी दी है। कांग्रेस सांसद ने अर्जुन राम मेघवाल के साथ—साथ विदेश मंत्री सुष्मा स्वराज से भी मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। निनोंग एरिंग ने केंद्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल को जानकारी देते हुए बताया कि चीन के जल संसाधन मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार यारलुंग सांगपो नदी के मिलिन सेक्शन में भारी मात्रा में भूस्खलन हुआ है। जिसकी वजह से नदी की मुख्य धारा बाधित हो गई है। चीन की ओर से इसकी तारीक 16 अक्टूबर बताई गई है। आपको बता दें कि तिब्बत से होकर बहने वाली इस नदी को भारत में ब्रह्मपुत्र के नाम से जाना जाता है, जबकि चीन में इसे यारलुंग सांगपो नदी कहकर पुकारा जाता है।

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वहीं, अरुणाचल प्रदेश के पश्चिम सियांग जिला प्रशासन की ओर से जनता ने एडवाइजरी जारी कर की गई है। इस एडवाइजरी में आम नागरिकों को नदी के तटवर्ती इलाकों से दूर रहने और मछली पकड़ते समय चौकस रहने की सलाह दी है। इसके पीछे कारण बताया जा रहा है कि अगर चीन अचानक नदी का पानी छोड़ता है तो इससे तबाही आ सकती है। आपको बता दें कि भारत और चीन के बीच हाल ही में यारलुंग सांगपो नदी के पानी का डेटा साझा करने का एग्रीमेंट हुआ था।