
नई दिल्ली। दिल्ली जल बोर्ड ( Delhi Water Board ) ने राष्ट्रीय राजधानी में पानी की बर्बादी ( wastage of water in delhi ) रोकने के लिए सख्त निर्देश जारी किया है और कहा है कि गलती करने पर रोजाना के हिसाब से जुर्माना लगाया जाएगा। जल बोर्ड का कहना है कि 24 घंटे पानी का ये मतलब नहीं है कि कोई भी व्यक्ति पानी का दुरुपयोग करे। दिल्ली जल बोर्ड के मुताबिक, पानी की बर्बादी या दुरुपयोग के लिए पहली गलती पर स्पेशल मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ( Special Metropolitan Magistrate ) द्वारा 2000 रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। गलती बार-बार की जाने पर 500 रुपये प्रतिदिन की दर से जुर्माना लगाया जा सकता है। पानी की बर्बादी की श्रेणी में छत की टंकियों से लगातार पानी का ओवरफ्लो होना, पाइप से गाड़ियां धुलना इत्यादि आते हैं। घरेलू पानी का कनेक्शन लेकर उसे गैर-घरेलू काम में उपयोग करने वाले लोगों पर भी पहली गलती के लिए 1000 रुपये और उसके बाद अगर ये गलती बार-बार होती है तो 100 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगाया जा सकता है।
गुरुवार को एक अहम बैठक की
दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा ( Raghav Chaddha, Deputy Chairman of Delhi Jal Board )
ने जल बोर्ड के प्रवर्तन अधिकारियों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ गुरुवार को एक अहम बैठक की, जिसमें उन्होंने पानी की बर्बादी या दुरुपयोग को रोकने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई पर जोर दिया। चड्ढा ने कहा कि जब तक हमारे अधिकारी इसे लेकर सतर्क नहीं होंगे, तब तक उपभोक्ताओं तक इस संदेश को पहुंचाना मुश्किल होगा। दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को पिछले साल काफी कम चालान काटे जाने पर फटकार लगाते हुए कहा, "लोगों में ये संदेश मजबूती के साथ पहुंचाना जरूरी है कि दिल्ली जल बोर्ड अब पानी की बर्बादी या अवैध कनेक्शन बर्दाश्त नहीं करेगा। गलती करने वाले 1-2 लोगों की सजा पूरे समाज को भुगतनी पड़ती है, दिल्ली जल बोर्ड अपने उपभोक्ताओं को ऐसे लोगों की वजह से परेशानी उठाने नहीं देगा। सीवर में गंदगी या कचरा बहाने से सीवर बंद हो जाते हैं और 1-2 लोगों की गलती का नुकसान काफी लोगों को उठाना पड़ता है, सीवर में कचरा बहाने वालों पर त्वरित कार्रवाई कर जुर्माना लगाया जाए।"
जल बोर्ड के नियमों का ज्यादा उल्लंघन हो रहा
दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष ने प्रवर्तन अधिकारियों को निर्देश दिया कि जल बोर्ड 1 महीने का सतर्कता अभियान चलाएगा, जिसकी रूपरेखा तैयार की जाए। उन्होंने कहा, "इस अभियान में हम उन सभी इलाकों में अपनी टीम भेजेंगे, जहां जल बोर्ड के नियमों का ज्यादा उल्लंघन हो रहा है। एक महीने तक चलने वाले इस अभियान का उद्देश्य सिर्फ चालान काटना ही नहीं होगा, बल्कि हमें लोगों में पानी के सही उपयोग को लेकर जागरूकता भी फैलानी है। उन्होंने कहा कि ये भी देखने में आया है कि कई बार घरेलू प्रयोग के लिए लिए गए पानी के कनेक्शन का गैर-घरेलू या व्यवासायिक कार्यो के लिए इस्तेमाल हो रहा है, ऐसी किसी भी गलती को दिल्ली जल बोर्ड बर्दाश्त नहीं करेगा। ऐसे कार्यो के लिए दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति या संस्था के खिलाफ तुरंत चालान जारी किया जाए।
'पानी की हर बूंद जरूरी है'
राघव चड्ढा ने कहा कि मैं दिल्ली जल बोर्ड के सभी अधिकारियों और इंजीनियर्स की कड़ी मेहनत की सराहना करता हूं, लेकिन हमें ये समझना होगा कि हम एक मिनट के लिए भी लापरवाह नहीं हो सकते। हम सब सुनते रहते हैं कि 'पानी की हर बूंद जरूरी है' अब इस कहावत को हमें हकीकत में बदलना होगा।
Updated on:
05 Nov 2020 06:45 pm
Published on:
05 Nov 2020 06:29 pm
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