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एक ऐसी जेल, जहां अपराधियों और स्लम के बच्चों को ट्रेनिंग देकर दिलाई जाती है नौकरी

पुलिस का उद्देश्य है कि इससे न केवल समाज में अपराध कम होगा, बल्कि पुलिस की इमेज और अच्छी होगी।

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Delhi Police

नई दिल्ली। देश की जेलें में अपराधियों को कैद कर उन्हें सजा दी जाती है, लेकिन दिल्ली में ऐसी जेल हैं जहां कैदियों को सुधारकर उन्हें नौकरी दी जाती है। इन पुलिस थानों में कीर्तिनगर भी शामिल है जहां युवाओं को ट्रेनिंग दिलाकर नौकरी दी जाती है। दरअसल दिल्ली पुलिस ने कुछ थानों में युवा स्कीम के तहत नैशनल स्किल डिवेलपमेंट कॉरपोरेशन (NSDC) और कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) से हाथ मिलाया है। यह तीनों मिलकर यूथ को ट्रेनिंग देने से उनकी नौकरी लगने तक का इंतजाम करते हैं। यहां पर छोटे मोटे अपराध में जेल में बंद अपराधियों को भी ट्रेनिंग दिलाकर उन्हें प्रशिक्षित किया जाता है।

इस काम में दिल्ली पुलिस ने इसमें ऐसे नौजवानों को चुना है जिनकी किसी ना किसी कारण से बीच में पढ़ाई छूट गई, लेकिन वह पढ़ना चाहते थे। जिनके पिता या मां में से कोई एक या दोनों किसी ना किसी अपराध के चलते जेल में हों, गरीब हों या फिर इसी तरह की किसी समस्या से पीड़ित हों। 17 से 25 साल तक के नौजवानों को थानों के अंदर 45 तरह के कोर्स सिखाने के लिए ट्रेनिंग दिलाई जा रही है। ट्रेनिंग के बाद उन्हें विभिन्न कंपनियों में नौकरियां भी दिलवाई जाती है। पुलिस का उद्देश्य है कि इससे न केवल समाज में अपराध कम होगा, बल्कि पुलिस की इमेज और अच्छी होगी।

इसकी शुरुआत इसी साल 29 अगस्त को हुई थी। शुरुआत में दिल्ली के आठ थानों को इसमें शामिल किया गया है। जहां इस तरह के कोर्स कराए जा रहे हैं। इन थानों में रोहिणी (साउथ), न्यू उस्मानपुर, कीर्ति नगर, लाजपत नगर, न्यू अशोक नगर, जामा मस्जिद , आनंद पर्वत और ओल्ड डीसीपी ऑफिस जीटीबी नगर शामिल हैं। यहां नौजवानों को योगा सिखाने के अलावा अकाउंटस इग्जेक्यूटिव, कुकिंग, ब्यूटी थेरेपिस्ट, हेयर स्टाइलिस्ट, बीपीओ, कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर समेत कंप्यूटर ऑपरेटर, इंग्लिश स्पीकिंग, फैशन डिजाइनर, जिम इंस्ट्रक्टर, होटल मैनेजमेंट और मोबाइल फोन रिपेयरिंग जैसे काम सिखाए जाते हैं।

कीर्ति नगर पुलिस स्टेशन इस योजना का सबसे सही क्रियान्वन कर रहा है। जहां जेल में बंद कई लोगों को नौकरी दिलाई जा चुकी है। ये वो नाबालिग या कम उम्र के अपराधी होते हैं जो पहली बार किसी छोटे जुर्म में जेल गए होते हैं। पुलिस इनकी जिंदगी को फिर से सामान्य करने के लिए काम कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके लिए दिल्ली पुलिस ने लगभग 1,500 नौजवानों को चिह्नित किया था। इस तरह की अनोखी पहल करते हुए पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इसका दूसरा फर्क यह भी पड़ेगा कि लोग खासतौर से नौजवान वर्ग पुलिस को दोस्त मानना शुरू करेगा और पुलिस भी आम लोगों के अधिक से अधिक और करीब आएगी।

वैसे भी सुविधाओं और इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिहाज से कीर्तिनगर दिल्ली का सबसे बेहतरीन थाना माना जाता है। इसके लिए एक सर्वे भी हुआ था जिसमें में स्पेशल कमिश्नर की अध्यक्षता वाली कमिटी इस फैसले पर पहुंची कि यह राजधानी का सबसे अच्छा थाना इसके लिए यहां के पुलिस अधिकारियों को गृहराज्य मंत्री से पुरस्कृत भी किया जा चुका है। इस पुलिस स्टेशन में कैंटीन और खेलने के लिए इनडोर स्टेडियम भी है। इसके अलावा यहां फ्री वाई-फाई की सुविधा भी मिलती है।