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चक्रवात बुलबुल ने प. बंगाल में मचाया तांड़व, सात लोगों की मौत, 2.73 लाख लोग प्रभावित

चक्रवाती तूफान बुलबुल से पश्चिम बंगाल के तीन जिले सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं आपदा प्रबंधन मंत्री जावेद खान ने कहा कि 2.73 लाख लोग प्रभावित हैं

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कोलकाता। चक्रवाती तूफान बुलबुल ने पश्चिम बंगाल के तीन जिलों काफी तांड़व मचाया है। इस तूफान के कारण बंगाल के तीन जिले काफी प्रभावित हुए हैं। अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2.73 लाख लोग इससे प्रभावित हुए हैं।

इस प्राकृतिक आपदा को लेकर राज्य के मंत्रियों ने रविवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि चक्रवाती तूफान से उत्तरी 24 परगना जिले के बशीरहाट उपमंडल में पांच मौतें हुई हैं, जबकि दक्षिणी 24 परगना और पूर्वी मिदनापुर जिले में एक-एक मौत हुई है।

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शनिवार की रात आया था तूफान बुलबुल

बता दें कि शनिवार की देर रात चक्रवाती तूफान बुलबुल ने पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्र में प्रवेश किया था। रात के 8.30 और 11.30 के बीच तेज रफ्तार से तूफान बुलबुल सुंदरबन क्षेत्र के धानची जंगल के पास बंगाल के तटीय इलाकों को पार करते हुए तीन जिलों में कोहराम मचाया।

आपदा प्रबंधन मंत्री जावेद खान ने कहा कि 2.73 लाख लोग प्रभावित हैं, जबकि 1.78 लाख लोग 471 राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं। बेघर हुए लोगों के भोजन के लिए राज्य सरकार 373 सामुदायिक रसोई चला रही है।

तूफान में बशीरहाट उपमंडल सबसे अधिक प्रभावित

जावेद खान ने बताया कि 2,470 घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। वहीं, खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक ने बताया कि तूफान से बशीरहाट उपमंडल के गांव सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। इस उपमंडल में कम से कम 3,100 घर ध्वस्त हो गए हैं।

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मल्लिक ने बशीरहाट के बुलबुल प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद रविवार को कहा कि संदेशखाली की बुरी हालत है। उन्होंने कहा, 'खेतों में लगी फसलों की भारी बर्बादी हुई है। संकट से उबरने के लिए हम युद्धस्तर पर कार्य कर रहे हैं।'

बता दें कि इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बातचीत करते हुए हालात का जायजा लिया था और इस प्राकृतिक आपदा से निपटने में हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया था।