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गुजरात चुनाव में जीएसटी की दरों में की गई कटौती का न किया जाए प्रचार- चुनाव आयोग

चुनाव आयोग ने सरकार को हाल ही में 178 वस्तुओं पर लगने वाले कर में कटौती के फैसले का प्रचार-प्रसार न करने का निर्देश दिया है।
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Pradeep Kumar Pandey

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Updated: 8 Dec 2017, 10:02 AM IST

ELECTION COMMISSON

नई दिल्ली। गुरुवार को गुजरात विधानसभा चुनाव के पहले चरण को लेकर चुनाव प्रचार का आखिरी दिन था। पहले चरण के लिए मतदान से पहले चुनाव आयोग ने केंद्र सरकार को एक निर्देश जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि चुनाव को देखते हुए प्रचार में जीएसटी की दरों में की गई कटौती का जिक्र न किया जाए। आयोग ने सरकार को हाल ही में 178 वस्तुओं पर लगने वाले कर में कटौती के फैसले का प्रचार-प्रसार न करने का निर्देश दिया है। चुनाव आयोग का मानना है कि इस तरह प्रचार-प्रसार से वोटरों को प्रभावित किया जा सकता है। हालांकि आयोग ने यह भी कहा कि सरकार बिना किसी विशेष वस्तु या सेवा का नाम लिए टैक्स को आसान बनाने की प्रक्रिया के बारे मे बात कर सकती है।

नोटबंदी और जीएसटी गुजरात चुनाव के लोकप्रिय मुद्दों में से एक
गौरतलब है कि इस समय गुजरात विधानसभा चुनाव में नोटबंदी और जीएसटी के बारें में सबसे अधिक चर्चाएं हो रही है।जहां राहुल गांधी हर चुनावी रैली में जीएसटी और नोटबंदी को लेकर केंद्र सरकार और पीएम मोदी पर निशाना साधते हैं वहीँ बीजेपी चुनाव से कुछ हफ्ते पहले किये करों में कटौती के बारे में खूब बातें करती नजर आ रही थी।

गुजरात व्यापारी थे जीएसटी के विरोध में
जीएसटी का गुजरात के व्यापारियों ने जमकर विरोध किया था। उसी समय कई लोगों ने बढ़ती महंगाई की वजह से भी केंद्र सरकार के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया। बीजेपी को यह अंदेशा था कि गुजरात चुनाव में इसका नुकसान उठाना पड़ सकता था कि लेकिन इसी बीच जीएसटी परिषद की बैठक बुलायी गयी जिसमें 178 चीजों के टैक्स में कटौती करने का फैसला लिया गया और अब केवल 57 चीजें ही ऐसी बची हैं जो 28 फीसदी टैक्स स्लैब में आती हैं।

इससे पहले भी आयोग ने दिए थे ऐसे निर्देश
आपको बता दें कि चुनाव आयोग ने सलाह दी है कि सरकार GST के घटे करों का प्रचार दूसरे चरण के चुनाव के बाद यानी 14 दिसंबर के बाद कर सकती है। इससे पहले भी केंद्र सरकार को मनरेगा योजना के दूसरी किश्त जारी करने से पहले हिदायत दी थी कि वो हिमाचल और गुजरात चुनावों में इस बात कि बिलकुल पब्लिसिटी नहीं करेंगे। हिमाचल में 9 नवंबर को चुनाव हुए थे।