1 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Farmer Protest: राकेश टिकैत ने किसानों के आंदोलन को बताया सफल, जानिए क्या होगा अगला कदम?

कृषि कानूनों को लेकर केंद्र सरकार और किसानों के बीच जारी गतिरोध राकेश टिकैत ने UP पुलिस पर किसानों के उत्पीड़न का आरोप लगाया
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Mohit sharma

•

Updated: 14 Dec 2020, 8:27 PM IST

cs.png

नई दिल्ली। कृषि कानूनों ( Farm Laws ) को लेकर केंद्र सरकार और किसानों के बीच जारी गतिरोध ( Protest Against Agricultural laws ) का कोई हल निकलता नजर नहीं आ रहा है। सरकार ने जहां कानूनों को वापस लेने से साफ इनकार कर दिया है, वहीं किसान भी अपनी मांगों पर अडिग हैं। इस बीच सोमवार को किसानों ने कृषि कानूनों के विरोध में भूख हड़ताल ( hunger strike ) रखी। इस दौरान किसान नेता और भारतीय किसान यूनियन ( BKU ) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ( Rakesh Tikait ) ने उत्तर प्रदेश पुलिस पर किसानों के उत्पीड़न का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यूपी में किसानों की ट्रालियों को जबरन बंद किया जा रहा है। इसके साथ ही पुलिस उत्तराखंड के किसानों को भी रोके हुए है।

Haryana के बाद Uttarakhand के किसान कृषि मंत्री से मिले, कृषि कानूनों का किया समर्थन

राकेश टिकैत ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन किसानोंका उत्पीड़न किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी। अगर किसानों को रोका गया तो गाजीपुर सीमा को ब्लॉक कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों की यह लड़ाई लंबी है। इसलिए बेहतर होगा कि राज्य सरकार इसमें कोई दखल न दे। उन्होंने कहा कि किसान केवल अपनी मांगों को मनवाना चाहते हैं, उनका मकसद सरकार को अस्थिर करना नहीं है। आपको बता दें कि केंद्र सरकार की ओर से पारित किए गए तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ सोमवार को एक दिन की भूख हड़ताल पर बैठे किसान नेताओं ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है। उन्होंने गुरु नानक देव की अरदास के बाद अपना उपवास समाप्त किया।

Patrika Data Story: कोरोना को लेकर Good News, वैश्चिक सक्रिय केसों में घट रही भारत की हिस्सेदारी

Jammu-Kashmir: भारतीय जवानों ने दो आतंकियों को मार गिराया, पाकिस्‍तान की बड़ी साजिश नाकाम

किसान नेताओं ने गाजीपुर जैसे दिल्ली के अन्य बॉर्डर पर डटे किसान नेताओं से भी अपील की कि वे अपनी दिन भर की भूख हड़ताल को समाप्त करें। उन्होंने इस दौरान गुरबानी का पाठ भी किया। सिंघु बॉर्डर पर विरोध स्थल पर वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह के नारे गूंजते सुनाई दिए और इन्हीं नारों के साथ किसानों ने अपना अनशन समाप्त किया। अपनी हड़ताल खत्म करने के बाद, किसान नेताओं ने पानी पिया और सेब और संतरे जैसे फल खाए। उन्होंने सोमवार की सुबह आठ बजे अपना उपवास शुरू किया था।