28 जून 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सरकार विश्वविद्यालय की नौकरियों में आरक्षण के लिए प्रतिबद्ध : राजनाथ सिंह

राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार ने कमजोर वर्गो के लिए आरक्षण रखा है। कोई व्यक्ति या संगठन इसे समाप्त नहीं कर सकता।
2 min read
Google source verification
rajnath singh

सरकार विश्वविद्यालय की नौकरियों में आरक्षण के लिए प्रतिबद्ध : राजनाथ सिंह

नई दिल्ली। गृहमंत्री राजनाथ सिह ने बुधवार को कहा कि सरकार कमजोर वर्गो के आरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति या संगठन इसे समाप्त नहीं कर सकता। बता दें कि समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने लोकसभा में अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए शिक्षण रिक्तियों पर जारी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के सर्कुलर पर चिंता जाहिर की, जिसके बाद राजनाथ ने यह प्रतिक्रिया दी।

यह भी पढ़ें-मानसून सत्र शुरू, वैंकेया नायडू ने नवनिर्वाचित सदस्यों को राज्यसभा की दिलाई शपथ

सुप्रीम कोर्ट ने विशेष अनुज्ञा याचिका दाखिल की है

गृहमंत्री ने कहा कि सरकार ने इस मुद्दे पर सर्वोच्च न्यायालय में विशेष अनुज्ञा याचिका दाखिल की है। उन्होंने कहा कि मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर इस मामले में विस्तृत जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि इन प्रावधानों को कोई नहीं छीन सकता और ना ही कोई संस्थान इसे देने से मना नहीं कर सकती है।

यह भी पढ़ें-अमरीका में दो छोटे विमानों की आपस में टक्कर, तीन की मौत

यूजीसी ने मार्च में एक सर्कुलर जारी किया था

बता दें कि मामले को उठाते हुए समाजवादी पार्टी के सदस्य धर्मेद्र यादव ने कहा कि यूजीसी ने मार्च में एक सर्कुलर जारी किया था। सर्कुलर जारी होने के बाद विश्वविद्यालयों द्वारा फैकेल्टी पोस्ट के लिए जारी विज्ञापनों में आरक्षित वर्गो के लिए रिक्तियों में कमी आई है।

यह भी पढ़ें-9 महीने के बच्चे की याचिका पर सुनवाई, स्तनपान के लिए जगहों की कमी पर दिल्ली HC ने मांगा केंद्र से जवाब

सर्कुलर में कहा गया था कि सभी विश्वविद्यालयों में आरक्षित फैकेल्टी पोस्ट की संख्या की गणना विभाग के लिहाज से की जाएगी, न कि विश्वविद्यालय में कुल खाली पदों के आधार पर। यूजीसी का आदेश इलाहबाद उच्च न्यायालय द्वारा बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के शिक्षकों की नियुक्ति के संबंध में दिए गए फैसले पर आधारित था।