
पत्रिका ब्यूरो
नई दिल्ली. उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर राजस्थान पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी को राजा राममोहन राय पुरस्कार से सम्मानित किया। इस अवसर पर नायडू ने प्रेस की आजादी की वकालत करते हुए कहा कि इससे जनता के हितों की रक्षा होती है। वहीं सूचना व प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने पेड न्यूज से बड़ा खतरा फेक न्यूज का बताया।
कोठारी को यह पुरस्कार शनिवार को भारतीय प्रेस परिषद की ओर विज्ञान भवन में आयोजित सम्मान समारोह में दिया गया। इस समारोह के मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति नायडू ने कहा कि देश को आजादी दिलाने में स्वतंत्र प्रेस की अहम भूमिका रही है। आजादी के बाद आपातकाल में ही प्रेस की आवाज दबाई गई, लेकिन रामनाथ गोयनका जैसे पत्रकारों ने इसका खुलकर विरोध भी किया। उन्होंने कहा कि प्रेस की आजादी से सरकार की गलत नीतियों और कार्यों की आलोचना की जा सकती है। स्वतंत्र प्रेस अच्छा काम कर रहे लोगों को आगे लाने का काम करती है। हम कुछ भी लिख सकते हैं, लेकिन सबसे ऊपर राष्ट्रहित है। नायडू ने पत्रकारिता के बदलाव के बारे में कहा कि पहले इसे राष्ट्र के लिए मिशन माना जाता था, लेकिन अब यह कुछ के लिए कमीशन का खेल हो गया है। कार्यक्रम के विषय ‘रिपोर्टिंग-व्याख्या-एक यात्रा’ पर नायडू ने कहा कि अब समाचार और विचार दोनों को मिला दिया गया है। यह ही सबसे बड़ी समस्या है। उन्होंने कहा कि पहले लोगों को समाचार देना चाहिए, फिर कोई भी इस पर विचार दे सकता है। उन्होंने कहा कि सूचनाएं सत्य और पुष्टि की हुई होनी चाहिए। आजकल ऐसा नहीं हो रहा है। सनसनीखेज खबरें बनाई जा रही हैं, जो कि मूर्खतापूर्ण है। उन्होंने कहा कि मीडिया का काम सच बाहर निकालने का है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कई कानून बना रखे हैं, लेकिन मीडिया संस्थानों को खुद ही आचार संहिता बनानी चाहिए।
-राजनीतिक दल अखबार चलाए, लेकिन जनता को बताकर
नायडू ने कहा कि आजकल राजनीतिक दल और नेता भी अखबार निकाल रहे हैं। इससे वह खुद को प्रोजेक्ट करने के साथ प्रोटेक्ट करते हैं। राजनीतिक दल भले ही अखबार निकालें, लेकिन लोगों को बताए कि यह उनकी पार्टी का अखबार है। इसी तरह कई उद्यमी खुद के बिजनेस को प्रोटेक्ट और प्रमोट करने के लिए चैनल निकाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोग सब समझते हैं और कहते हैं कि अमुक चैनल या अखबार इसका है, इसलिए ऐसा लिखा होगा।
-न्यूज और व्यूज अलग-अलग: जावड़ेकर
सूचना व प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि आजादी के बाद सिर्फ आपातकाल में प्रेस की आजादी पर संकट आया। इसके खिलाफ हम सबने मिलकर लड़ाई लड़ी। आरएसएस के कार्यकर्ता बाहर आए। उन्होंने प्रेस की आजादी का जिक्र करते हुए कहा कि आजादी मुफ्त में नहीं मिलती है, जिम्मेदारी भी साथ लेकर आती है। कार्यक्रम के विषय ‘रिपोर्टिंग-व्याख्या-एक यात्रा’ पर उन्होंने कहा कि व्याख्या में ही गड़बड़ी की आशंका है। न्यूज और व्यूज अलग-अलग है, इनके मिलने से ही समस्या हो रही है। जावड़ेकर ने सोशल मीडिया पर बढ़ते फेक न्यूज के चलन पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे मीडिया की टीआरपी भी गड़बड़ा गई है। उन्होंने कहा कि बच्चों के अगुवा करने वाले गिरोह के सक्रिय होने की फर्जी खबर से 20 लोगों की जान चली गई। इसी तरह अयोध्या फैसले के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को धन्यवाद का पत्र लिखने की फेक न्यूज सोशल मीडिया पर चला दी गई। अब पेड न्यूज के मुकाबले फेक न्यूज का खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि 'राजस्थान पत्रिका' समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी से करीब 20-25 साल पुराना नाता है। वह खुद के विचार लिखते हैं और कई किताबें लिख चुके हैं।
-इनका भी हुआ सम्मान
संजय सैनी व राज चेनगप्पा-ग्रामीण पत्रकारिता
शिवा स्वरूप अवस्थी व अनु अब्राहिम-डवलपमेंटल रिपोर्टिंग
पी.जी.उन्नीकृष्णन व अकील इ.एस.-फोटो पत्रकारिता
सिप्रा दास-फोटो फीचर
सौरभ दुग्गल-खेल पत्रकारिता
रूबी सरकार व अनुराधा-जेंडर आधारित रिपोर्टिंग
कृष्णन कौशिक व संदीप सिंह-फाइनेंशियल रिपोर्टिंग
Updated on:
17 Nov 2019 10:42 am
Published on:
16 Nov 2019 08:02 pm
