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ICMR जून में शुरू करेगा चौथा राष्ट्रीय सीरोसर्वे, कोविड की वास्तविकता का चलेगा पता

नीति आयोग के स्वास्थ्य सदस्य डॉ. वीके पॉल ने घोषणा की कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) अगले राष्ट्रव्यापी कोविड -19 सीरोसर्वे पर काम शुरू करेगी। इस दौरान उन्होंने आग्रह किया कि राज्यों को भी अपने स्तर पर सर्वे करना चाहिए।
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नई दिल्ली

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Anil Kumar

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Updated: 11 Jun 2021, 11:04 PM IST

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ICMR to start fourth national serosurvey in June, will know reality of Covid-19

नई दिल्ली। कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर टीकाकरण अभियान को तेजी से आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। वहीं 21 से 18 + को फ्री में टीकाकरण करने को लेकर अभियान शुरू किया जाएगा।

इस बीच कोविड की वास्तविक स्तिथि का पता लगाने के लिए सर्वे किया जाएगा। नीति आयोग के स्वास्थ्य सदस्य डॉ. वीके पॉल ने शुक्रवार को घोषणा की कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) अगले राष्ट्रव्यापी कोविड -19 सीरोसर्वे पर काम शुरू करेगी।

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इस दौरान उन्होंने आग्रह किया कि राज्यों को भी अपने स्तर पर सर्वे करना चाहिए। कोविड की वास्तविक आकलन के लिए राज्य अपने स्तर पर भी सीरोसर्वे करें। बता दें कि एक समूह में कोरोना संक्रमण एंटीबॉडी के प्रसार को निर्धारित करने के लिए सीरो सर्वेक्षण का उपयोग किया जाता है।

देशभर के 70 जिलों में शुरू होगा सीरोसर्वे

राष्ट्रीय कोविड टास्क फोर्स के प्रमुख डॉ. वीके पॉल ने कहा, "राष्ट्रीय सीरोसर्वे की तैयारी हो चुकी है। ICMR इस महीने अगले सीरोसर्वे के लिए काम शुरू करेगा। लेकिन अगर हम अपने भौगोलिक क्षेत्रों की रक्षा करना चाहते हैं तो हमें अकेले राष्ट्रीय सीरोसर्वे पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, हमें राज्यों को सीरोसर्वे के लिए भी प्रोत्साहित करना होगा।"

यह देश में ICMR द्वारा आयोजित चौथा सीरोसर्वे होगा और देश भर के 70 जिलों में शुरू होगा और इसमें छह साल और उससे अधिक उम्र के बच्चे भी शामिल होंगे। एक सीरोसर्वे में, आईजीजी (इम्युनोग्लोबुलिन जी) एंटीबॉडी की उपस्थिति के लिए रक्त के नमूनों का परीक्षण किया जाता है जो कोरोनावायरस के कारण पिछले संक्रमण का निर्धारण करते हैं।

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पॉल ने इस बात पर भी जोर दिया कि देश में कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण के बारे में एक व्यापक चर्चा पैदा करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा "टीके उपलब्ध हैं और हमें टीकाकरण केंद्रों पर सभी खुराक का उपयोग करने की आवश्यकता है। खुराक की बर्बादी नहीं होनी चाहिए। हमें वैक्सीन की झिझक से लड़ने की जरूरत है।"