
खुशखबरी! Galwan valley में बनकर तैयार हुआ पुल, China ने जताई थी आपत्ति
नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख ( Ladakh ) में वास्तविक नियंत्रण रेखा ( LAC ) पर चल रहे तनाव के बीच गलवान घाटी ( Galvan Valley ) से एक अच्छी खबर सामने आई है। दरअसल, Galvan Valley में उस पुल का निर्माण पूरा हो गया है, जिस पर चीन ( China ) ने आपत्ति जताई थी। सामरिक से अति महत्वपूर्ण इस 60 मीटर पुल ने भारत की स्थिति को और अधिक मजबूत कर दिया है। चीनी इंजिनीयर्स ( Chinese Engineers ) द्वारा निर्मित इस पुल की मदद से सैनिक वाहन ( Military vehicle ) नदी के आरपार जा सकते हैं। इससे 255 किलोमीटर लंबे स्ट्रैटिजिक DBO रोड की सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत हो सकेगी। यह रोड दरबुक से दौलत बेग ओल्डी ( Daulat Beg Oldi ) में भारत के अंतिम चौकी तक जाती है।
आपको बता दें कि सामरिक रूप से अहम माने जा रहे इस पुलिस की वजह से चीन बुरी तरह से बौखलाया हुआ है। एक वजह यह भी है कि चीन ने पिछले महीनें एलएसी पर अचानक सैनिकों की संख्या बढ़ा दी। दरअसल, चीन को यह बात अच्छी तरह से मालूम है कि इस पुल ने भारत की स्थिति को मजबूत कर दिया है और अब भारत की पहुंच उसकी सीमा तक हो गई है। एक सीनियर आॅफिसर के अनुसार पुल गुरुवार को बनकर तैयार हो चुका है। इसके साथ ही भारत की ओर से चीन को यह साफ संकेत चला गया है कि सीमा पर हालात चाहे जैसे रहें, बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन अपना काम जारी रखेगा।
श्योक और गलवान नदी के संगम से 3 किलोमीटर दूर यह पुल चार मेहराब वाला बनाया गया है। असल में पट्रोलिंग पॉइंट 14 से लगभग 2 किलोमीटर पहले पेट्रोलिंग पॉइंट 14 ही वही जगह है, जहां भारत और चीनी सैनिकों के बीच खूनी संघर्ष हुआ था। भारतीय सेना के मुताबिक दोनों सेनाओं के बीच हिंसा के बीच इस पुल का निर्माण कार्य जारी रखा गया है। वहीं, चीन श्योक नदी तक भारत के दावे को दरकिनार करना चाहता है।
Updated on:
19 Jun 2020 04:31 pm
Published on:
19 Jun 2020 04:22 pm

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