राजीव और सोनिया को सौंपी वरुण की जिम्मेदारी
वसीयत में इंदिरा गांधी ने लिखा था कि मैं यह देख कर खुश हूं कि राजीव और सोनिया, वरुण को उतना ही प्यार करते हैं जितना अपने खुद के बच्चों को. मुझे पक्का भरोसा है कि जहां तक संभव होगा, वो हर तरह से वरुण के हितों की रक्षा करेंगे। यह बात पूर्व प्रधानमंत्री ने अपनी वसीयत में दर्ज की है। यह वसीयत 4 मई, 1981 को लिखी गई थी। उसके गवाह थे एमवी राजन और माखन लाल।