Jagannath Rath Yatra: पुरी में रथ यात्रा की धूम, मंदिर पहुंचे पुरी के राजा निभाई पारंपरिक रस्म

  • Coronavirus संकट के बीच Puri में Jagannath Rath Yatra में सिर्फ 500 लोगों को रथ खींचने की अनुमति
  • Supreme Court के निर्देशों के मुताबिक निकाली जा रही रथ यात्रा
  • PM Modi और President Ramnath Kovind ने देशवासियों को दी बधाई

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) से मंजूरी के बाद कोरोना संकट ( coronavirus ) के बीच आज भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा ( Jagannath Rath yatra ) निकल रही है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के मुताबिक सोशल डिस्टेंसिंग ( Social Distancing ) समेत तमाम गाइडलाइन्स ( Guidelines ) के बीच रथयात्रा निकाली जा रही है।

पुरी ( Puri ) में रथयात्रा की तैयारी जोरों पर है। यहां सुबह दस बजे भगवान जगन्नाथ रथ पर सवार हुए। रथयात्रा को लेकर पुरी, कोलकाता और अहमदाबाद में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। पुरी के राजा गजपति महाराज रथयात्रा में भाग लेने के लिए पुरी के जगन्नाथ मंदिर पहुंचे।

इस दौरान महाराज 'छेड़ा पहंरा' की पारंपरिक रस्म भी निभाई। इस दौरान उन्होंने रथ पर झाड़ू भी लगाई, इसमें सोने का हैंडल लगा होता है।

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भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Narendra Modi ), राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ( President Ramnath Kovind ) और गृह मंत्री अमित शाह ( Amit Shah ) ने देशवासियों को शुभकामनाएं दी।

भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के पावन-पुनीत अवसर पर आप सभी को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। मेरी कामना है कि श्रद्धा और भक्ति से भरी यह यात्रा देशवासियों के जीवन में सुख, समृद्धि, सौभाग्य और आरोग्य लेकर आए। जय जगन्नाथ!

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने ट्वीट कर कहा- रथ यात्रा के पावन अवसर पर सभी देशवासियों, विशेष रूप से ओडिशा में प्रभु जगन्नाथ के श्रद्धालुओं को बधाई।

मैं कामना करता हूँ कि प्रभु जगन्नाथ की कृपा, कोविड-19 का सामना करने‌ के लिये हमें साहस व संकल्प-शक्ति प्रदान करे और हमारे जीवन में स्वास्थ्य और आनंद का संचार करे।

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ओडिशा के पुरी में होने वाले रथयात्रा के लिए भगवान जगन्नाथ की मूर्ति को पुजारी और सेवायत रथ तक ला रहे हैं।

शीर्ष अदालत ने कहा है कि इस 'रथ यात्रा' में 500 से ज्यादा लोग शामिल नहीं होंगे। साथ ही राज्य सरकार से कहा है कि वह इस दौरान लोगों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखे। कोर्ट ने केंद्र एवं राज्य सरकार से कहा है कि वे कोविड-19 से जुड़े स्वास्थ्य निर्देशों एवं परामर्शों को रथ यात्रा के दौरान लागू कराएं।

कर्फ्यू जैसे रहेंगे हालात
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कर्फ्यू के दौरान किसी को भी अपने निवास स्थान जैसे कि घरों, होटल, लॉजिंग हाउस आदि से बाहर निकलने की छूट नहीं होगी।

कोर्ट ने कहा कि रथ यात्रा निकालने की जिम्मेदारी शर्तों के साथ पुरी जगन्नाथ मंदिर प्रशासन कमेटी के प्रभारी की होगी। कमेटी के सदस्यों की यह जिम्मेदारी होगी कि वे कोर्ट एवं स्वास्थ्य पर केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन कराएं।

अहमदाबाद में मंदिर परिसर में ही निकलेगी यात्रा
गुजरात हाईकोर्ट के आदेश के बाद अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा नहीं निकल रही। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए भक्तों को मंदिर परिसर में ही दर्शन की अनुमति है। सुबह मंगला आरती के बाद गुजरात के सीएम विजय रुपाणी ने भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए और परंपरा के मुताबिक सोने के झाड़ू से सफाई की।

पुरी के जगन्नाथ मंदिर से भगवान बलभद्र की मूर्ति को रथयात्रा के लिए रथ पर ले जाते हुए पुजारी और 'सेवायत'।

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धीरज शर्मा
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