
जम्मू-कश्मीर: हिजबुल कमांडर मनान वानी की हत्या के विरोध में अलगाववादियों का बंद, जनजीवन प्रभावित
श्रीनगर। जम्मू एवं कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में मुठभेड़ के दौरान पीएचडी के छात्र की मौत के विरोध में शुक्रवार को बंद बुलाया गया है। बंद की वजह से घाटी में जनजीवन प्रभावित है। बता दें कि सईद अली गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक और यासीन मलिक की अध्यक्षता वाले अलगाववादी समूह संयुक्त प्रतिरोध नेतृत्व (जेआरएल) ने गुरुवार को हिजबुल कमांडर मनान बशीर वानी की हत्या के विरोध में बंद का आह्रान किया था।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) का पूर्व छात्र था वानी
बता दें कि जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में सुरक्षा बलों ने गुरुवार को एक बड़े ऑपरेशन के तहत दो आतंकवादियों को मार गिराया था। दोनों आतंकवादियों में से एक की पहचान हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर मन्नान वानी उर्फ हमजा भाई के रूप में हुई थी। मन्नान वानी अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) का पूर्व छात्र था। वह एएमयू में रिसर्च स्कॉलर रहा था। 26 साल का वानी इसी साल तीन जनवरी को एएमयू से लापता हो गया था। कई दिनों बाद पता चला कि वह आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल हो गया है।
होनहार छात्र था वानी
वहीं, सुरक्षा एजेंसियों से मिली जानकारी के मुताबिक वानी प्रतिभाशाली छात्र था। पढ़ाई के दौरान वानी को कई पुरस्कार भी मिले थे। बता दें कि मन्नान वानी 2011 से एएमयू में पढ़ाई कर रहा था, जहां उसने एम. फिल की पढ़ाई पूरी करने के बाद भूविज्ञान से पीएचडी में प्रवेश लिया था। कॉलेज की वेबसाइट पर आज भी उसका नाम उसे मिले पुरस्कारों के साथ दर्ज है।
Published on:
12 Oct 2018 03:34 pm
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