
नई दिल्ली। भारत में एक ओर जहां प्रशासनिक अधिकारियों की हेंकड़ी आम लोगों को भारी पड़ जाती है, वहीं दक्षिण भारत के कर्नाटक से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसको देखकर आप भी सोचने को मजबूर हो जाएंगे। दरअसल, यहां एक तहसीलदार को एक चाय की दुकान पर जूठे गिलास धोते हुए देखा गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही यह वीडियो गडग के मुदारंगी की बताई जा रही है। वीडियो को जिसने भी देखा उसके मन में सबसे पहले यह सवाल आया कि आखिर तहसीलदार ऐसा क्यों कर रहे हैं।
गांव में छुआछूत की बीमारी चल निकली
जानकारी के अनुसार तहसीलदार को शिकायत मिली थी कि गांव में छुआछूत की बीमारी चल निकली है। जिसको लेकर तहसीलदार गांव के लोगों को समरसता और समानता का संदेश देना चाहते थे। यही वजह है कि तहसीलदार ने एक चाय की दुकान पर झूठे बर्तन धोकर अपना काम पूरा किया। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मुंदारगी के तहसीलदार अशप्पा पुजारा होरोगेरी को शिकायत त मिली थी गांव में अनुसूचित जाति वालों के यहां शादी आदि के प्रोग्राम में स्थानीय दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर देते हैं। जिसकी वजह से यहां लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। तहसीलदार ने जब मामले की पड़ताल की तो उनका पता चला कि दुकानदार ऐसा छूआछूत का भेद मानने के लिए करते हैं।
दुकान पर बैठकर चाय पी और फिर वहां रखे खाली बर्तन धोने लगे
बताया जा रहा है कि लोगों के मन से छुआछूत जैसी मानसिकता निकालने के लिए तहसीलदार एक दिन संबंधित थाना के पुलिस इंस्पेटर और समाज कल्याण अधिकारियों के साथ गांव में जा पहुंचे। तहसीलदार ने यहां पहले चाय की एक दुकान पर बैठकर चाय पी और फिर वहां रखे खाली बर्तन धोने लगे। तहसीलदार को ऐसा करते देख लोग काफी परेशान हो गए। कुछ लोग तो इस वाकये की वीडियो तक बनाने लगे। ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया। इस दौरान तहसीलदार ने दुकानदारों को पहले तो समझाया और फिर बात न मानने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।
Updated on:
7 Mar 2021, 7:43 PM IST
Published on:
7 Mar 2021, 7:28 PM IST
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