
केरल: शवों को मयस्सर नहीं दो गज जमीन, दिल्ली के पादरी ने अंतिम संस्कार के लिए दान की अपनी जमीन
नई दिल्ली। देश के दक्षिण राज्य केरल में जहां लोगों को जान बचाने के लिए राहत शिविरों का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं, इस आपदा में जान गंवाने वाले लोगों को दफनाने के लिए दो गज जमीन तक नहीं मिल पा रही है। इस बीच दिल्ली के एक पादरी कुरुविला कुलंजीकोम्पिल सैमुएल ने इंसानियत की मिसाल पेश की है। सैमुएल ने थानामथिट्टा जिले के अडूर में स्थित अपनी जमीन को सभी धर्मों के लोगों के अंतिम संस्कार के लिए दान कर दिया है।
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जमीन का एक चौथाई हिस्सा दान करने वाले सैमुअल इंसानियत में विश्वास रखते हैं और मानवता को सबसे बड़ा धर्म मानते हैं। आपको बता दें कि केरल बाढ़ में अब तक 370 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 7,24,649 लोगों को राहत शिविरों में रखा गया है। यहां चारों तरफ पानी ही पानी होने की वजह से मृत लोगों के अंतिम संस्कार तक नहीं हो पा रहे हैं। यही कारण है कि अधिकतर शव अस्पतालों की मॉर्च्युरी में पड़े हुए हैं।
आपको बता दें कि अदूर क्षेत्र समुद्र तल से काफी ऊंचाई पर स्थित है। यही वजह है कि यह क्षेत्र बाढ़ की चपेट में नहीं आ सका है। सैमुएल की मानें तो इस क्षेत्र में कभी बाढ़ नहीं आई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार केरल में पानी उतरने के बाद ही नदी किनारे अंतिम संस्कार किए जा सकते हैं, लेकिन शवों को दफनाने के लिए कब्रिस्तान का ही होना अनिवार्य है। ऐसे में अदूर के द मार थॉमा चर्च ने सारी परंपराओं से आगे निकलते हुए अपनी जमीन में एक बाढ़ पीड़ित को दफनाने की अनुमति दी है।
Published on:
20 Aug 2018 08:56 am
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