
केरल के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे पीएम मोदी, अबतक 167 लोगों की मौत
नई दिल्ली: भारत का दक्षिण हिस्सा यानि केरल इन दिनों भीषण आपदा आई है। केरल में बाढ़ की वजह से बीते 10 दिनों में 167 लोगों की मौत हो गई है। एक दर्जन से अधिक हेलीकॉप्टर, सैकड़ों रक्षा कर्मियों, एनडीआरएफ की टीमों और मछुआरों ने शुक्रवार को बचाव अभियान शुरू बड़े पैमाने पर शुरू किया है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को केरल के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करने का ऐलान किया।
शनिवार को केरल बाढ़ का दौरा पीएम मोदी
पीएम मोदी ने शुक्रवार को फोन पर राज्य के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन से बात की और बाढ़ की स्थिति पर चर्चा की। मोदी ने ट्वीट किया कि बाढ़ के कारण पैदा हुई दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति का जायजा लेने शाम को मैं केरल जा रहा हूं। उन्होंने कहा कि केरल के मुख्यमंत्री के साथ टेलीफोन पर बात हुई। हमने राज्य में बाढ़ की स्थिति पर चर्चा की और बचाव अभियान की समीक्षा की। मोदी के रात नौ बजे के करीब तिरुवनंतपुरम पहुंचने की संभावना है और वह राजभवन में रुकेंगे। शनिवार को वह बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे।
नदियों की धार में समा गए कई इलाके
केरल की पेरियार और इसकी सहायक नदियों में उफान से एनार्कुलम और त्रिशूर के कई कस्बे जलमग्न हो गए हैं। परावुर, कलाडी, चालाकुडी, पेरुं बवूर, मुवातुपुझा शामिल हैं। भारी बारिश, नदियों में बाढ़ की स्थिति और भूस्खलन की घटनाओं की वजह से राज्य में लगभग 167 लोग जान गंवा चुके हैं। चालाकुडी से टीवी चैनलों को वीडियो क्लिप भेजने वाले लोगों के एक समूह ने कहा कि हमारे पास खाना नहीं है और 150 लोग राहत कार्य की प्रतीक्षा कर रहे हैं। हजारों लोग अभी भी ऊंची इमारतों पर बैठे हैं और बचाए जाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। अकेले एनार्कुलम और त्रिशूर शिविरों में 50,000 से अधिक लोग फंसे हैं।
अगले 24 घंटे में राहत की उम्मीद
मुख्यमंत्री पिनारई विजयन ने शुक्रवार को कहा कि राज्य भर में 1,568 राहत शिविरों में 2.25 लाख लोग रह रहे हैं। मध्य केरल का पत्तनमतिट्टा जिला सर्वाधिक प्रभावित रहा। यहां पंबा नदी के उफान के कारण रानी और कोझेनचेरी जैसे कस्बे पूरी तरह से जलमग्न हैं। मौसम विभाग ने शनिवार तक अगले 24 घंटों में कम बारिश होने का अनुमान जताया है।
Published on:
17 Aug 2018 05:40 pm
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