मशहूर संगीतकार Salil Chowdhury के कुछ सहाबहार गीत जिन्होंने हर जुबां पर बनाई जगह

  • मशहूर संगीतकार Salil Chowdhury ने हिंदी, मलयाली और बंगाली फिल्मों के लिए दिया संगीत
  • 50 से 70 के दशक में सलिल के सुपरहिट गीतों ने मचाई धूम
  • 'ऐ मेरे प्यारे वतन' से लेकर 'जिंदगी कैसी है पहेली हाए'- जैसे गीत अब भी हर किसी जुबां पर हैं

नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा जगत के मशहूर गीतकार और संगीतकारों में शुमार सलिल चौधरी ( Salil Chowdhury ) की आज पुण्य तिथि है। सलिल चौधरी को भले ही आज की युवा पीढ़ी ठीक नहीं जानती हो, लेकिन 50 से लेकर 70 के दशक के बीच उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में सुपरहिट गीतों की कतार लगा दी थी। उनके सदाबहार गीत अब भी हर जुबां पर रहते हैं।

सलिल चौधरी ने मुख्य रूप से बंगाली, हिंदी और मलयाली फिल्मों के लिए संगीत दिया। वे फिल्म जगत में सलिल दा के नाम से मशहूर थे। बंगाली होने की वजह से उनकी रुझान बंगाली कलाकारों के प्रति कुछ ज्यादा है। यही वजह है थी कि उनकी हिंदी फिल्म उद्योग में अशोक कुमार, किशोर कुमार से काफी बनती भी थी।

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मधुमती, दो बीघा जमीन, आनंद जैसी फिल्मों में उनके गीतों ने लोगों को दिलो दिमाग पर गहरी छाप छोड़ दी। आईए जानते हैं उनके कुछ सदाबहार गीत जिन्होंने जमकर धूम मचाई।

'दो बीघा जमीन' का गीत
परबत काटे सागर पाटे, महल बनाए हमने। पत्थर पर बगिया लहराई फूल खिलाए हमने। 1953 में आई फिल्म दो बीघा जमीन का ये गीत ना सिर्फ उस दौरान बल्कि अब मधुर संगीत सुनने वालों का पसंदीदा गीत है।
धरती कहे पुकार के...बीज बिछा ले प्यार के...इसी फिल्म का ये गीत बलराज सहानी पर फिल्माया गया। इसे आवाज मन्ना डे ने दी। ये गीत भी काफी पॉपुलर हुआ।

ओ सजना बरखा बहार आई
फिल्म बरखा का टाइटल गीत- 'ओ सजना बरखा बहार आई, रस की फुहार लाई' भी जबरदस्त हिट रहा। इस गीत ने युवतियों और महिलाओं को दिल में खास जगह बनाई।

जा रे उड़ जा रे पंछी
देवानंद और माला सिन्हा अभिनीत 1961 में आई फिल्म माया का गीत 'जा रे उड़ जा रे पंछी, बहारों के देश जा रे'...भी सुपर हिट रहा। इस गीत को भी सलिल चौधरी ने सजाया।

ऐ मेरे प्यारे वतन
1961 में ही फिल्म आई काबुलीवाला और इस फिल्म का गीत 'ऐ मेरे प्यारे वतन...ऐ मेर बिछड़े चमन' आज भी लोगों की जुबां पर देश भक्ति का जज्बा पैदा कर देता है।

जिंदगी कैसी है पहेली हाए
राजेश खन्ना अभिनीत फिल्म आनंद का ये गीत जिंदगी कैसी है पहेली हाए...भी सहादबहार गीतों में शामिल है। ये फिल्म 1971 में आई और इस गीत ने लोगों की जुबां पर जगह बनाई।

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हाल चाल ठीक ठाक है
1971 में आई फिल्म 'मेरे अपने' का गीत 'सब कुछ ठीक ठाक है, बीए किया है, एमए किया है, लगता है वो भी ऐवें किया, काम नहीं है वरना यहां, आपकी दुआ से सब ठीक ठाक है' युवाओं के सिर चढ़कर बोला।

धीरज शर्मा
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