
महाराष्ट्र के पालघर (Palghar)लिंचिंग मामले में छह और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जबकि एक किशोर को हिरासत में लिया गया है। इस मामले की जांच महाराष्ट्र पुलिस के सीआईडी की ओर से की जा रही है। जब से मामला CID के हाथ में आया है, उसके बाद से 37 और लोगों को पकड़ा जा चुका है।
6 आरोपी 19 मई तक पुलिस हिरासत में
सीआईडी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अतुलचंद्र कुलकर्णी के अनुसार- पालघर मॉब लिंचिंग अपराध के सिलसिले में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जबकि एक किशोर को हिरासत में लिया गया है। छह लोगों को दहाणु शहर की एक अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 19 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। जबकि किशोर को चिल्ड्रेन्स होम भेजने को कहा गया है।
बता दें, इस घटना के मामले में पकड़े गए 130 से ज्यादा आरोपियों में से बुधवार को 61 को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है, जबकि 51 अन्य को पुलिस हिरासत में भेजा गया है। इनमें से एक आरोपी कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
यह है पूरा मामला
पालघर जिले के गढ़चिंचले गांव में 16 अप्रैल घटना हुई थी, जिसमें दो साधुओं और उनके ड्राइवर को चोर समझकर पीट-पीटकर मार डाला गया था। दोनों साधु मुंबई से कार में सवार होकर अपने गुरु के अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहे थे। गांव में भीड़ ने उनकी गाड़ी को रोक लिया और चोर समझकर पीटने लगी। इस दौरान पुलिसकर्मी भी वहां पर मौजूद थे।
जबरन छुट्टी पर भेजे गए SP की वापसी के लिए अभियान
उधर, पालघर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) गौरव सिंह को जबरन छुट्टी पर भेजे जाने के पांच दिन बाद स्थानीय लोगों ने उन्हें वापस लाने के लिए ऑनलाइन अभियान शुरू किया है। महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने एक आदेश जारी किया था, जिसके बाद आईपीएस अधिकारी को जबरन छुट्टी पर भेजा गया था। बता दें, एसपी पालघर मॉब लिंचिंग मामले से जुड़े हुए थे। पालघर में जिम चलाने वाले सुजीत सिंह और एक सामाजिक कार्यकर्ता करण चौधरी ने पालघर एसपी की वापसी के लिए ऑनलाइन अभियान चलाया है।
Updated on:
14 May 2020 03:35 pm
Published on:
14 May 2020 03:32 pm
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