मणिपुर के मुख्यमंत्री को मारने की साजिश का हिस्सा रहा आतंकी गिरफ्तार, दो लाख रुपए का था ईनाम

मणिपुर के मुख्यमंत्री को मारने की साजिश का हिस्सा रहा आतंकी गिरफ्तार, दो लाख रुपए का था ईनाम

पिछले महीने प्रतिबंधित संगठन का टॉप कमांडर एनम इबोचौबा सिंह भी गिरफ्तार किया गया था।

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस को एक बार फिर से बड़ी कामयाबी हासिल हुई हैं। पुलिस ने एक आतंकी को गिरफ्तार किया है। मणिपुर के प्रतिबंधित आतंकी संगठन कंगलेपक कम्युनिस्ट पार्टी-पीपुल्स वॉर ग्रुप (केसीपी-पीडब्ल्यूजी) के महासचिव नेता को बिशनपुर पुलिस परिसर के अंदर स्थित अपने क्वार्टर्स से गिरफ्तार किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली पुलिस विशेष सेल ने जिस आतंकी को गिरफ्तार किया है। उसकी पहचान मोइरंगथम रणप्रताप उर्फ लेनिन उर्फ पाईखोम्बा के तौर पर हुई है। वह केसीपी-पीडब्ल्यूजी का महासचिव है। उस पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित था। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पाईखोम्बा कुछ अन्य लोगों के साथ राज्य सरकार के साथ वार्ता में शामिल होने आया था। बातचीत प्रारंभिक चरण में थी। आप को बता दें कि 11 अगस्त को इस प्रतिबंधित संगठन का टॉप कमांडर एनम इबोचौबा सिंह उर्फ खोइरंगबा को भी गिरफ्तार किया गया था। उसने मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह व तीन अन्य मंत्रियों को जान से मारने की धमकी दी थी। सोशल मीडिया के जरिये ऑडियो भेजकर ये धमकी दी गई थी। वह 27 अगस्त को नेपाल से दिल्ली आया था। यहां रहकर वह राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रचता और फंड जुटाता कि उससे पहले ही पुलिस ने उसे पकड़ दिया।

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पकड़े जा चुके हैं कई आतंकी
इससे पहले 29 अगस्त को केसीपी-पीडब्ल्यूजी के आतंकवादी नेता खोइरंगबा खुमान को दिल्ली पुलिस ने दक्षिण दिल्ली से गिरफ्तार किया था। केसीपी-पीडब्ल्यूजी का गठन 2016 में केसीपी पोइरी गुट, केसीपी तमगंगाबा गुट और केसीपी-पैखोम्बा के संयुक्त चरमपंथी समूह द्वारा किया गया था। 2017 में, दिल्ली स्पेशल सेल ने केसीपी गुटों के नेता पोइरी और तमगंगाबा को भी गिरफ्तार किया। आपको बता दें कि म्यांमार का सीमावर्ती मणिपुर सालों से उग्रवाद का दंश झेल रहा है। यही कारण है कि क्षेत्र में आशांति के चलते सरकार ने यहां सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून (अफस्पा) लागू किया हुआ है। यहां सक्रिय कई उग्रवादी गुटों में पीएलए और केवाईकेएल सबसे अधिक एक्टिव हैं।

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