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राहुल गांधी ने भूटान के पीएम शेरिंग तोबगे से आपसी संबंधों पर की चर्चा, कहा- भारत और भूटान नैसर्गिक सहयोगी

इस साल दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के पचास साल पुरे हो चुके हैं। टोबगे की इस यात्रा से भारत और भूटान, दोनों पक्षों को पारस्परिक हित के मुद्दों पर चर्चा करने और साझा समस्याओं पर साथ काम करने के अवसर प्रदान मिलेंगे।

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rahul gandhi with bhutan pm

राहुल गांधी ने भूटान के पीएम शेरिंग तोबगे से आपसी संबंधों पर की चर्चा, कहा- भारत और भूटान नैसर्गिक सहयोगी

नई दिल्ली। भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर आए भूटान के प्रधानमंत्री डाओ शेरिंग तोबगे ने शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से नई दिल्ली स्थित उनके आवास पर मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच दोनों देशों के आपसी संबंधों पर चर्चा हुई। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर जानकारी देते हुए कहा कि भूटान के प्रधानमंत्री के साथ आज मेरी मुलाकात हुई। हमने दोनों देशों के संबंधों को मजबूत बनाने सहित विभिन्न मुद्दों पर व्यापक विचार-विमर्श किया।

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बता दें कि भूटान के प्रधानमंत्री डासो शेरिंग टोबगे अपने तीन दिवसीय दौरे पर भारत पहुंच चुके हैं। भूटान के प्रधानमंत्री इस दौरे के दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की । इससे पहले शुक्रवार को भूटान के पीएम ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात की थी। विदेश मंत्री से मुलाकात के बाद भूटान के पीएम डाओ शेरिंग तोबगे आज कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलकात कर कई मुद्दों पर चर्चा की।

घनिष्ठ सहयोगी हैं भारत और भूटान

भारत और भूटान के बीच पहले दोस्ती और सहयोग के रिश्ते हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद भारत और भूटान के बीच आपसी विश्वास और समझ के और मजबूत होने के आसार हैं। बता दें कि इस साल दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के पचास साल पुरे हो चुके हैं। टोबगे की इस यात्रा से भारत और भूटान, दोनों पक्षों को पारस्परिक हित के मुद्दों पर चर्चा करने और साझा समस्याओं पर साथ काम करने के अवसर प्रदान मिलेंगे। इससे पहले टोबगे ने निवेशकों के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए गुवाहाटी का दौरा किया था जिस दौरान उन्होंने पीएम मोदी से बातचीत की थी। टोबगे की यात्रा के कुछ दिन बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश सचिव विजय गोखले और सेना प्रमुख जनरल बिपीन रावत चुपचाप भूटान गए थे, जहां उन्होंने भूटानी नेतृत्व के साथ डोकलाम सहित प्रमुख रणनीतिक मुद्दों पर व्यापक बातचीत की थी ।

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क्या हासिल होगा इस यात्रा से

दोनों पक्ष रक्षा, विदेश और सामरिक सहयोग सहित कई मुद्दों पर विचार-विमर्श करने की उम्मीद कर रहे हैं। टोबगे की यात्रा की घोषणा करते हुए विदेश मंत्रालय ने प्रवक्ता ने कहा था कि उनकी यात्रा दोनों देशों के बीच "दोस्ती के अनुकरणीय संबंध" को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा। माना जा रहा है कि मोदी और टोबगे पिछले साल भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच 73 दिनों के लंबे समय तक चलने वाले डोकलाम विवाद के वर्तमान स्थिति पर विचार विमर्श कर सकते हैं।

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