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Padmanabhaswamy Temple: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, मंदिर के प्रबंधन पर त्रावणकोर शाही परिवार का हक

Kerala के Padmanabhaswamy Temple को लेकर Supreme Court का बड़ा फैसला Travancore Royal Family के पास ही रहेगा मंदिर का प्रबंधन पिछले साल अप्रैल में सुप्रीम कोर्ट ने रिजर्व किया था फैसला

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Supreme Court big decision on Padmanabhswamy Temple

सुप्रीम कोर्ट का बडा़ फैसला, त्रावणकोर शाही परिवार के पास ही रहेगा मंदिर प्रबंधन का अधिकार

नई दिल्ली। कोरोना वायरस संकट ( Coronavirus ) के बीच केरल के श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर ( Padmanabhaswamy Temple ) के प्रबंधन को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) ने तिरुवनंतपुरम के ऐतिहासिक मंदिर के प्रबंधन का अधिकार त्रावणकोर शाही परिवार ( Travancore Royal Family )को देना का फैसला लिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर के प्रशासन में त्रावणकोर शाही परिवार के अधिकारों को बरकरार रखने का आदेश सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शासक की मृत्यु के बावजूद पद्मनाभस्वामी मंदिर में त्रावणकोर परिवार का अधिकार जारी रहेगा। मंदिर परिवार की सुरक्षा एक आईपीएस अधिकारी के हवाले कर दी गई। परंपरागत रूप से इस मंदिर का प्रबंधन त्रावणकोर का राजपरिवार ही देखता आया है जिसकी कमान इस वक्‍त मार्तंड वर्मा के हाथ में हैं।

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जस्टिस यू यू ललित और जस्टिस इंदु मल्‍होत्रा की बेंच ने करीब तीन महीने तक जिरह सुनने के बाद पिछले साल 10 अप्रैल को फैसला सुरक्षित रख दिया था। याचिका में केरल हाई कोर्ट के 31 जनवरी, 2011 के फैसले को चुनौती दी गई थी। SC ने 2 मई, 2011 को केरल HC के फैसले पर रोक लगा दी थी, जिसमें सरकार से मंदिर के प्रबंधन और संपत्तियों को टेकओवर करने को कहा गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने केरल उच्च न्यायालय का 31 जनवरी 2011 का वह आदेश भी सोमवार को रद्द कर दिया, जिसमें राज्य सरकार से ऐतिहासिक श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर की पूंजी और प्रबंधन का नियंत्रण लेने के लिए न्यास गठित करने को कहा गया था।

जज ने कहा कि 1991 में त्रावणकोर शासक की मृत्यु, जिसने समझौते पर हस्ताक्षर किया था, उसके अनुसार शासक की मृत्यु के बाद भी त्रावणकोर शाही परिवार का मं‍दिर के प्रबंधन संबंधी अधिकार को प्रभावित नहीं करता है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ही खुलेगी B तिजोरी
सुप्रीम कोर्ट ने A से लेकर F तिजोरियों तक में मौजूद वस्‍तुओं की इन्‍वेंट्री के भी निर्देश दिए थे। हालांकि कहा गया था कि B तिजोरी को बिना सुप्रीम कोर्ट के स्‍पष्‍ट आदेश के नहीं खोला जाएगा।

इन्‍वेंट्री तैयार करते वक्‍त ही यह अंदाजा लगना शुरू हो गया था कि मंदिर में करीब एक लाख करोड़ रुपये के जवाहरात मौजूद हैं।

ये है मामला
सुप्रीम कोर्ट में केरल के प्रसिद्ध श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर में वित्तीय गड़बड़ी को लेकर प्रबंधन और प्रशासन का केस पिछले 9 वर्षों से लंबित था। त्रावणकोर के पूर्व शाही परिवार ने केरल हाईकोर्ट के निर्णय को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। वहीं कुछ समय पहले इस मंदिर में करोड़ों का खजाना मिलने के बाद यह मंदिर सुर्खियों में बना हुआ है।

90 हजार करोड़ के गहने और 2 लाख करोड़ की संपत्ति
पद्मनाभस्वामी मंदिर के तहखाने से स्वर्ण आभूषण, स्वर्ण और चांदी की मुद्राएं, रत्नजड़ित मुकुट, बहुमूल्य पत्थरों की प्रतिमाएं और आभूषणों से युक्त ऐसा खजाना हाथ लगा, जिसकी कीमत 90 हजार करोड़ रुपए आंकी गई थी। इतना ही नहीं अनुमान के मुताबिक मंदिर के पास करीब दो लाख करोड़ रुपये की संपत्ति है।