
नई दिल्ली। इलाहाबाद हाईकोर्ट की एक सीनियर वकील अपने बेटे के साथ दिल्ली के फुटपाथ पर जिंदगी गुजार रही हैं। आसपास काम करने वाले स्ट्रीट वेंडर्स कहते हैं कि वह कभी किसी से भीख नहीं मांगती, लेकिन कोई कुछ दे तो खा लेती है। लोग बताते हैं कि यह महिला कभी-कभी बात करती है, लेकिन उनका बेटा कुछ नहीं बोलता। आसपास मौजूद लोगों के मुताबिक, दोनों की मानसिक हालत ठीक नहीं है।
हिंदी-अंग्रेजी दोनों में करती हैं बात
यह महिला खुद को इलाहाबाद हाईकोर्ट की सीनियर वकील बताती हैं। महिला का नाम रेणु सुशील अग्रवाल है। घर का पता लखनऊ में फैजाबाद रोड पर मारुतिपुरम में मकान नंबर 123/2 बताती हैं। महिला हिन्दी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में बात करने में सक्षम हैं, लेकिन लखनऊ से दिल्ली और वकालत से फुटपाथ पर आने की कहानी नहीं बताती हैं। इसके अलावा बेटे के बारे में भी कभी कुछ नहीं बताती हैं।
दिन फुटपाथ पर, रात पार्क में
लोगों के मुताबिक, दिन में यह महिला अपने बेटे के साथ फुटपाथ पर रहती है और शाम के समय बेटे के साथ डिस्ट्रिक्ट पार्क में चली जाती हैं। दोनों कभी किसी से भीख नहीं मांगते, लेकिन कोई कुछ दे तो खा लेते हैं।
दिल्ली सरकार ने दिया मदद का आश्वासन
खुद को वकील बताने वाली इस महिला और उसके बेटे की मदद के लिए दिल्ली सरकार आगे आई है। दिल्ली के समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मां-बेटे से मिलकर मेडिकल जांच करवाएं।
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Published on:
30 Apr 2018 12:33 pm
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