
सोनू सूद अपनी दोस्त नीति गोयल के साथ मिलकर 'घर भेजो' मुहिम चला रहे हैं।
नई दिल्ली। इन दिनों बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद ( Bollywood Actor Sonu Sood ) लॉकडाउन में फंसे प्रवासी मजदूरों को घर पहुंचाने में हर संभव मदद कर रहे हैं। संकट के दौर में इस पहल की वजह से मुंबई में वो मजदूरों का मसीहा बनकर उभरे हैं। सोनू सूद अपनी दोस्त नीति गोयल के साथ मिलकर 'घर भेजो' योजना ( Ghar Bhejo Plan ) के तहत यह मुहिम चला रहे हैं। इस बीच उनको लेकर सियासत भी शुरू हो गई है।
महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ( Governor Bhagat Singh Koshyari ) और उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत इस बात को लेकर न केवल उनसे मिले हैं बल्कि बल्कि महात्मा सोनू सूद की तारीफ भी की है। महाराष्ट्र के राज्यपाल ने तो उन्हें महात्मा सूद ( Mahatma Sood ) नाम भी दिया है। मुलाकात के बाद राज्यपाल ने महात्मा सोनू को हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया है।
दूसरी तरफ शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत के रविवार को 'सामना' के संपादकीय ( Samna Editorial ) में प्रवासी कामगारों की मदद करने के लिए बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद पर निशाना साधा है। राउत ने लिखा है कि लॉकडाउन अवधि के दौरान सोनू सूद नामक एक नया "महात्मा" अचानक उभरकर सामने आया है। यह कहा जा रहा है कि सोनू सूद ने लाखों प्रवासी मजदूरों ( Migrant Laborers ) को देश के अलग-अलग राज्यों में उनके घर तक पहुंचाने का काम किया है।
शिवसेना के नेता संजय राउत के मुताबिक इससे साफ है कि राज्य सरकारों और केंद्र सरकार ने प्रवासी मजदूरों के हित में कोई काम नहीं किया। अगर ऐसा है तो यह अजीब स्थिति है। यह शिवसेना सुप्रीमो और महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे के कद को नीचा दिखाने जैसा है। संपादकीय में राउत ने बॉलीवुड अभिनेता से सवाल किया कि लॉकडाउन की अवधि के दौरान उन्हें बसें कहां से मिल रही हैं। उन्होंने यह भी सवाल किया कि जब राज्य किसी भी प्रवासी श्रमिकों को लेने की अनुमति नहीं दे रहे हैं तो प्रवासी कहां जा रहे हैं?
एक अन्य हमले में संजय राउत ने लिखा कि है बॉलीवुड अभिनेता जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिल सकते हैं और मुंबई के सेलिब्रिटी मैनेजर बन सकते हैं।
दरअसल, बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद और उनकी दोस्त नीति गोयल ने अपनी घर भेजो पहल की योजना पर अमलकर मुंबई में सबका दिल जीत लिया है। इस योजना के तहत सोनू सूद ने कोरोना वायरस संकट और लॉकडाउन की वजह से मुंबई में फंसे प्रवासी मजदूरों को घर जाने के लिए कई बसों की सुविधाएं मुहैया कराई है। अभिनेता ने कर्नाटक, बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश जैसे दूर-दराज के राज्यों में श्रमिकों को पहुंचाया है। उन्होंने प्रवासियों को उनके घरों तक पहुंचने में मदद करने के लिए एक टोल-फ्री हेल्पलाइन भी शुरू की है।
सोनू सूद के इस पहल को सोशल मीडिया में काफी स्थान मिला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वह छाए हुए हैं। महाराष्ट्र के नेटिजंस ने तो उन्हें लॉजिस्टिक पावरहाउस करार दिया है।
बता दें कि कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों के मामले में महाराष्ट्र देशभर में सबसे खराब हालत है। देशभर के 2,46,628 मामलों में से 82,968 मामले महाराष्ट्र से ही हैं।
Updated on:
07 Jun 2020 12:09 pm
Published on:
07 Jun 2020 12:00 pm
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