7 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

पूर्व BSF जवान तेज बहादुर यादव को सुप्रीम कोर्ट से भी झटका, अदालत ने याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व BSF जवान तेज बहादुर यादव की याचिका खारिज की चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने किया फैसला वाराणसी से नामांकन रद्द होने के खिलाफ तेज बहादुर ने दायर की थी याचिका

less than 1 minute read
Google source verification
Supreme court

नई दिल्ली। बॉर्डर सेक्योरिटी फोर्स (BSF) से बर्खास्त जवान तेज बहादुर यादव ( Tej Bahadur Yadav ) की याचिका पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) ने सुनवाई की। इस दौरान उन्होंने तेज बहादुर के नामांकन रद्द करने के खिलाफ दायर की याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि उन्हें सुनवाई करने लायक कोई तथ्य नहीं मिला।

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की बेंच ने की सुनवाई

बता दें कि वाराणसी से समाजवदी पार्टी के उम्मीदवार रहे पूर्व BSF जवान तेज बहादुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ उम्मदीवारी पेश की थी। नामांकन रद्द होने के खिलाफ याचिका दायर करने के बाद चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने गुरुवार को सुनवाई तय की थी। इस दौरान कोर्ट ने चुनाव आयोग से इस मामले में उनकी शिकायतों पर गौर कर उसे कोर्ट के सामने रखने को निर्देश दिया था।

यह भी पढ़ें- अगस्ता वेस्टलैंड मामला: CBI की विशेष अदालत ने क्रिश्चियन मिशेल के पार्टनर को भेजा समन

तेज बहादुर का याचिका में दावा

आपको बता दें कि तेज बहादुर ने अपनी याचिका में दावा किया था कि उन्हें जानबूझकर चुनाव में उतरने से रोका जा रहा है। जबकि, चुनाव अधिकारी के मुताबिक तेज बहादुर का नामांकन इसलिए रद्द किया गया, क्योंकि वह जनप्रतिनिधि कानून के तहत अनिवार्य प्रमाण पत्र पेश करने में विफल रहे।