
नई दिल्ली। बॉर्डर सेक्योरिटी फोर्स (BSF) से बर्खास्त जवान तेज बहादुर यादव ( Tej Bahadur Yadav ) की याचिका पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) ने सुनवाई की। इस दौरान उन्होंने तेज बहादुर के नामांकन रद्द करने के खिलाफ दायर की याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि उन्हें सुनवाई करने लायक कोई तथ्य नहीं मिला।
चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की बेंच ने की सुनवाई
बता दें कि वाराणसी से समाजवदी पार्टी के उम्मीदवार रहे पूर्व BSF जवान तेज बहादुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ उम्मदीवारी पेश की थी। नामांकन रद्द होने के खिलाफ याचिका दायर करने के बाद चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने गुरुवार को सुनवाई तय की थी। इस दौरान कोर्ट ने चुनाव आयोग से इस मामले में उनकी शिकायतों पर गौर कर उसे कोर्ट के सामने रखने को निर्देश दिया था।
तेज बहादुर का याचिका में दावा
आपको बता दें कि तेज बहादुर ने अपनी याचिका में दावा किया था कि उन्हें जानबूझकर चुनाव में उतरने से रोका जा रहा है। जबकि, चुनाव अधिकारी के मुताबिक तेज बहादुर का नामांकन इसलिए रद्द किया गया, क्योंकि वह जनप्रतिनिधि कानून के तहत अनिवार्य प्रमाण पत्र पेश करने में विफल रहे।
Updated on:
09 May 2019 02:03 pm
Published on:
09 May 2019 12:29 pm
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