14 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Supreme Court का Vikas Dubey Encounter Case के जांच आयोग में फेरबदल से इनकार, खारिज की याचिका

कानपुर के गैंगेस्टर विकास दुबे एनकाउंटर ( Vikas Dubey Encounter Case ) मामले में बड़ा अपडेट सामने आया Supreme Court ने Vikas Dubey Encounter में जांच के लिए गठित आयोग में फेरबदल करने से इनकार कर दिया

2 min read
Google source verification
Supreme Court का Vikas Dubey Encounter Case के जांच आयोग में फेरबदल से इनकार, खारिज की याचिका

Supreme Court का Vikas Dubey Encounter Case के जांच आयोग में फेरबदल से इनकार, खारिज की याचिका

नई दिल्ली। कानपुर के गैंगेस्टर विकास दुबे एनकाउंटर ( Vikas Dubey Encounter Case ) मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। देश की सर्वोच्च अदालत ( Supreme Court ) ने विकास दुबे एनकाउंटर ( Vikas Dubey Encounter ) मामले में जांच के लिए गठित आयोग ( Commission ) में फेरबदल करने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट में विकास दुबे एनकाउंटर जांच आयोग के पुनर्गठन ( Vikas Dubey encounter commission restructuring commission ) की मांग वाली याचिका को खारिज करते हुए कहा कि आयोग से पूर्व पुलिस महानिदेशक केएल गुप्ता ( Former Director General of Police KL Gupta ) और हाईकोर्ट के सेवानिवृत जज जस्टिस शशिकांत अग्रवाल ( Retired high court judge shashikant Aggarwal ) को हटाने से साफ इनकार कर दिया।

India-China Dispute के बीच Indian Air Force को मिली नई ताकत, France से India के लिए उड़े 5 Rafale Fighter Jets

पूर्व डीजीपी केएल गुप्ता का बयान पढ़ कर सुनाया

याचिका पर सुनवाई कर रही सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार ( UP Government ) से पूर्व पुलिस महानिदेशक केएल गुप्ता के उस बयान को लेकर स्पष्टीकरण मांगा, जो उन्होंने मीडिया में दिया था। सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए याचिकाकर्ता ने कहा कि केएल गुप्ता ने विकास दुबे एनकाउंटर ( ( Vikas Dubey encounter ) के बाद अपने बयान में पुलिस को क्लीन चिट दी थी। इसके बाद सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ( Solicitor General Tushar Mehta ) ने कोर्ट में उत्तर प्रदेश सरकार का पक्ष रखा और पूर्व डीजीपी केएल गुप्ता का बयान पढ़ कर सुनाया।

Coronavirus के खिलाफ लड़ाई में CM Mamta Banerjee ने PM से मांगा 1000 करोड़ का फंड

जांच आयोग के सदस्य को नहीं बदल सकते

दोनों पक्षों की ओर से दी गईं दलीलों पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडे ( Chief Justice Sharad Arvind Bobde ) ने याचिकाकर्ता से साफ कहा कि हम विकास दुबे एनकाउंटर मामले ( Vikas Dubey encounter case ) में गठित जांच आयोग के सदस्य को नहीं बदल सकते हैं। कोर्ट ने कहा कि पूर्व डीजीपी केएल गुप्ता ने नपातुला बयान दिया था, उन्होंने कहा था कि इस मामले में अगर पुलिस का फॉल्ट पाया जाता है, तो उनको दण्ड मिलना चाहिए।

BJP का दावा- विदेश में बैठकर राजनीति कर रहे Rahul Gandhi, हर VIDEO में एक ही वेष में आ रहे नजर

COVID-19: Corona से मौत के मामले में India ने US व Brazil को पछाड़ा, 24 घंटे में 50 हजार के करीब केस

पूर्वाग्रह का आरोप लगाने से बचने की भी अपील

मुख्य न्यायधीश बोबडे ( CJI Sharad Arvind Bobde ) ने कहा कि जांच आयोग में सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत जज बीएस चौहान और एक हाईकोर्ट के सेवानिवृत जज शशिकांत अग्रवाल शामिल हैंं ऐसे में पूर्व पुलिस महानिदेशक केएल गुप्ता की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने की कोई वजह नहीं हैं। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को इस तरह से पूर्व डीजीपी पर पूर्वाग्रह का आरोप लगाने से बचने की भी अपील की।