26 अक्टूबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

संघ से जुड़े संगठन के निशाने पर आरबीआई गर्वनर, सरकार के साथ तालमेल नहीं तो इस्तीफा दें उर्जित

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े एक संगठन स्वदेशी जागरण मंच ने आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल पर निशाना साधा है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

•

image

Mohit sharma

•

Updated: 1 Nov 2018, 9:49 AM IST

RBI governor

संघ से जुड़े संगठन के निशाने पर आरबीआइ गर्वनर, सरकार के साथ तालमेल नहीं तो इस्तीफा दें उर्जित

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक और केंद्र सरकार के बीच लगता है कुछ गड़बड़ चल रही है। यही कारण है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (संघ) से जुड़े एक संगठन स्वदेशी जागरण मंच ने आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल पर निशाना साधा है। मंच की ओर बुधवार को कहा गया कि आरबीआई के गवर्नर को केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करना चाहिए और अगर ऐसा नहीं है तो उसे अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। दरअसल, यह बयान मंच के सह-संयोजक अश्विनी महाजन ने दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बैंक के डिप्टी गवर्नर और अन्य आॅफिसर्स को सरकार के साथ किसी भी तरह की असहमति होने वाली स्थिति पर सार्वजनिक होने से परहेज करना चाहिए।

कश्मीर: बडगाम में सुरक्षाबलों के हाथ बड़ी सफलता, दो आतंकियों को उतारा मौत के घाट

बॉलीवुड एक्टर अनुपम खेर का एफटीआईआई के चेयरमैन पद से इस्तीफा, यह बताया कारण

केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता पर जोर

अश्विनी महाजन ने कहा कि अगर सरकार के साथ किसी भी मुद्दे पर इस तरह की कोई असहमति वाली स्थिति भी है तो उसे सार्वजनिक रूप से न उठाकर बैंक के निदेशक मंडल में उठाना चाहिए। आपको बता दें कि हाल ही में आरबीआई के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता पर जोर दिया था। यही नहीं विरल ने केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता से किसी भी तरह की छेड़छाड़ ‘विनाशकारी’ को बताया था। वहीं, विरल आचार्य के बयान पर केंद्र सरकार ने सफाई दी थी।

कनार्टक: सीएम कुमारस्वामी बोले, 'अब शायद मैं अधिक दिन तक जिंदा न रहूं'

जनहित और देश की अर्थव्यवस्था को रखें ध्यान

वित्त मंत्रालय की ओर से आए बयान में कहा गया था कि केन्द्र सरकार और आरबीआई दोनों के लिए यह बेहद जरूरी है कि वो जनहित और देश की अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मिलजुलकर काम करें। सरकार की ओर से कहा गया कि आरबीआई एक्ट के अंतर्गत केन्द्र और आरबीआइ के बीच कई मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की जाती है।