अधिवक्ता मैत्री ने कहा कि फिल्म निर्माता ने मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी मां सोनिया गांधी से उनके चरित्र, उनके राजनीतिक जीवन और पहनावे पर अभिनय करने या उनकी आवाज को किसी प्रकार से प्रस्तुत करने की अनुमति नहीं ली है। याचिकाकर्ता ने कहा कि सीबीएफसी के दिशानिर्देश के अनुसार, वास्तविक जीवन पर आधारित फिल्म के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र की जरूरत होती है, लेकिन फिल्म के ट्रेलर के लिए कोई अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं लिया गया है। याचिकाकर्ता ने अदालत से केंद्र सरकार, गूगल, यूट्यूब और सीबीएफसी को 'द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर' का ट्रेलर दिखाने पर रोक लगाने का निर्देश देने की मांग की है।