
देश के दक्षिण राज्यों में मंडराया एक और तूफान का खतरा
नई दिल्ली। तमिलनाडु में आए चक्रवाती तूफान निवार ( Cyclone Nivar )से अभी लोग उबरे ही नहीं थे कि एक और तूफान की आहट ने देश के तीन राज्यों की चिंता बढ़ा दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ( IMD ) की ओर से आने वाले 48 घंटों में बड़े तूफान की आशंका व्यक्त की गई है। तीन राज्यों में इस तूफान के पड़ने वाले असर के साथ ही आईएमडी ने भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट ( Red Alert ) भी जारी किया है।
मौसम विभाग की ओर से अगले तीन से चार दिनों में केरल (Kerala) में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। वहीं तिरुवनंतपुरम के साथ कोल्लम्, पथनमथित्ता, अलापुझा और इडुक्की जिले के लिए रेड के साथ-साथ ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया है।
मछुआरों को भी दी गई सलाह
तूफान की आहट और भारी बारिश की संभावना के चलते मौसम विभाग की ओर से मछुआरों को भी 30 नवंबर की रात से ही समुद्र में ना जाने की सलाह दी गई है।
एक हफ्ते में दूसरे तूफान का खतरा
आईएमडी के मुताबिक तमिलनाडु में आए चक्रवाती तूफान निवार के एक हफ्ते के अंदर ही दूसरे तूफान का खतरा मंडरा रहा है। दरअसल बंगाल की खाड़ी में बन रहे निम्म दबाव के गहरे दबाव में तब्दील होने के चलते ये हालात बन रहे हैं।
मौसम विभाग की मानें तो यह तूफान दो दिसंबर को श्रीलंका के समुद्र तट को पार करेगा और इससे तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है।
यही वजह है कि विभाग ने खास तौर पर तमिलनाडु और केरल के दक्षिणी इलाकों में 'रेड-कलर कोडेड' अलर्ट जारी किया है। यानी इन राज्यों में भारी से भारी बारिश के आसार बने हुए हैं।
श्रीलंका के तटीय क्षेत्रों में जानें पर रोक
मौसम विभाग ने दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में और दो दिसंबर से अगले 24 घंटे के लिए पूर्वी श्रीलंका के तटीय क्षेत्रों, कोमोरिन क्षेत्र, मन्नार की खाड़ी और तमिलनाडु-केरल के तटों के पास जाने पर रोक लगा दी है।
इस दिन पश्चिमी इलाकों में बढ़ सकता है तूफान
आईएमडी ने कहा है कि बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र अगले 24 घंटे में और गहरे दबाव में बदलने की संभावना है। ऐसे में यह चक्रवाती तूफान का आकार भी ले सकता है। यह तीन दिसंबर की सुबह करीब के पश्चिमी इलाकों की ओर बढ़ सकता है और उसके बाद कोमोरिन क्षेत्र में पहुंच सकता है।
'निवार' ने मचाया था कहर
आपको बता दें कि पिछले सप्ताह 'बहुत भीषण चक्रवाती तूफान' निवार तमिलनाडु के तट से टकराया था। राज्य में सुरक्षा उपायों के तहत करीब ढाई लाख लोगों को आश्रय शिविरों में ठहराया गया। खास बात यह है कि तूफान से किसी की जान जाने की कोई खबर नहीं रही।
Published on:
01 Dec 2020 08:18 am
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