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वॉट्सऐप को दूसरा नोटिसः क्या किसी मैसेज को सोशल मीडिया पर वायरल होने से रोका जा सकता है

क्या देश में मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं की प्रमुख वजह बने सोशल मीडिया पर किसी मैसेज को वायरल होने से रोका जा सकता है, जानिए क्या है सच्चाई।

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Viral Message on Social Media

व्हॉट्सऐप को दूसरा नोटिसः क्या किसी मैसेज को सोशल मीडिया पर वायरल होने से रोका जा सकता है

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने इंस्टैंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म वॉट्सऐप को फर्जी और भ्रम फैलाने वाले संदेशों का सर्कुलेशन रोकने के लिए एक ही माह में दोबारा नोटिस भेजा है। कंपनी से इस प्लेटफॉर्म को अफवाहों का प्रमुख माध्यम बनने से रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही सरकार द्वारा वॉट्सऐप को चेतावनी भी दी गई है कि समाज में समरसता बिगाड़ने वाले संदेशों-अफवाहों को फैलाने का माध्यम बनने वाले भी दोषी माने जाएंगे। इतना ही नहीं अगर यह प्लेटफॉर्म कोई कार्रवाई नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। लेकिन क्या वॉट्सऐप के पास किसी संदेश को फॉरवर्ड करने से रोकने का कोई पुख्ता तरीका है?

दूसरे नोटिस में क्या कहा सरकार ने

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा जारी बयान के मुताबिक, "जब फेक न्यूज (फर्जी समाचारों) और अफवाहों को शरारती तत्वों द्वारा फैलाया जाता है, तो इस प्रसार के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला माध्यम (प्लेटफॉर्म) खुद की जिम्मेदारी और उत्तरदायित्व से नही बच सकता। अगर वो मूक दर्शक बने रहते हैं तो उन्हें इसके लिए उकसाने वाला माना जाएगा और इसके परिणामस्वरूप उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।"

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पहले नोटिस के जवाब में व्हॉट्सऐप ने यह वादा किया था

जुलाई के पहले ही सप्ताह में सरकार ने व्हॉट्सऐप को पहला नोटिस थमाया था। इसके जवाब में वॉट्सऐप ने कहा था कि वो अपने प्लेटफॉर्म पर संदेशों को तेजी से फैलने से रोकने के लिए कुछ फीचर्स जारी कर रही है। ऐसे ही संदेशों की वजह से पिछले कुछ महीनों में देशभर में मॉब लिंचिंग की घटनाएं बढ़ी हैं। वॉट्सऐप के नए फीचर्स के साथ ग्रुप एडमिन के पास ज्यादा नियंत्रण आ जाएगा ताकि संदेश ज्यादा तेजी से न फैलें। इसके साथ ही वॉट्सऐप अब मैसेजों की लेबलिंग किए जाने के फीचर का भी खुलासा किया है, जिससे इस तरह के संदेश फैलने से रोके जा सकें।

क्या संभव है सोशल मीडिया पर मैसेज को वायरल होने से रोकना

फिलहाल वॉट्सऐप के प्लेटफॉर्म पर एक ग्रुप में अधिकतम 256 यूजर्स ही जुड़ सकते हैं। यानी अगर इतने बड़े बड़े ग्रुप में एक मैसेज डाला गया तो वो सीधे 256 लोगों तक पहुंच जाएगा। अब अगर यह यूजर्स भी अपने अलग-अलग ग्रुप बनाए हुए हैं जिनमें हर ग्रुप में 256 सदस्य हैं, तो इसका मतलब कि एक मैसेज केवल दो बार भेजे जाने पर ही 256X256 यह 65,536 लोगों तक पहुंच जाता है। सोचिए कि अगर इसे 10 बार फॉरवर्ड कर दिया जाए तो कितने लोगों तक पहुंच जाएगा। अब सोचिए कि सोशल मीडिया पर किसी मैसेज को वायरल करना कितना आसान है।

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एक स्मार्टफोन पर दो वॉट्सऐप अकाउंट

लेटेस्ट एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम वाले स्मार्टफोनों पर दो सोशल मीडिया अकाउंट भी चलाए जा सकते हैं। इनमें फेसबुक, इंस्टाग्राम, वॉट्सऐप समेत अन्य प्लेटफॉर्म शामिल हैं। यानी सोशल मीडिया पर किसी खास मकसद से मौजूद यूजर्स जो अपने संदेशों को वायरल कराना चाहते हैं, एक साथ दो अकाउंट का इस्तेमाल कर बहुत ही ज्यादा यूजर्स तक इस संदेश को पहुंचा सकते हैं। यह प्रक्रिया इतने कम वक्त में होती है कि मैसेज कुछ सेकेंडों में ही वायरल हो जाता है।

क्या कर रहा है वॉट्सऐप

सरकार से नोटिस मिलने के बाद इंस्टैंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म वॉट्सऐप ने नए नियम बनाए हैं। वॉट्सऐप ब्लॉग के मुताबिक कंपनी फिलहाल यूजर्स द्वारा किसी मैसेज को फॉरवर्ड करने की सीमा निर्धारित करने का परीक्षण कर रही है। भारतीय परिपेक्ष में किसी मैसेज को फॉरवर्ड करने की सीमा और कम रखी जाएगी। बताया जा रहा है कि भारत में एक यूजर किसी संदेश को 5 से ज्यादा बार फॉरवर्ड नहीं कर सकेगा। कंपनी का मानना है कि इस नए नियम के चलते यूजर्स पहले के मुकाबले कम लोगों तक ही संदेश फॉरवर्ड कर सकेंगे। इसके साथ ही फोटो या वीडियो मैसेज के मामलों में कंपनी इन मैसेज के पास 'क्विक फॉरवर्ड बटन' को हटा देगी।

नए नियम की कमियां

भले ही वॉट्सऐप का नया नियम पहले की तुलना में मैसेज को फॉरवर्ड करने की संख्या में कुछ कमी लाएगा। लेकिन यह पूरी तरह किसी मैसेज को वायरल होने से रोकने में कारगर साबित नहीं होने वाला। ऐसा इसलिए क्योंकि पांच बार से ज्यादा फॉरवर्ड रोकने का नियम मैसेज पाने वालों को आगे फॉरवर्ड करने से नहीं रोक सकेगा। इस प्रक्रिया के तहत अब केवल इतना ही होगा कि मैसेज को वायरल करने की प्रक्रिया थोड़ी मुश्किल हो जाएगी।

वॉट्सऐप के अलावा भी हैं मैसेजिंग प्लेटफॉर्म

सोशल मीडिया के तेजी से बढ़ते दायरे के बीच केवल वॉट्सऐप पर लगाम लगाने से क्या किसी मैसेज को वायरल होने से रोका जा सकता है। विशेषज्ञ इसका जवाब नहीं में देते हैं। सोशल मीडिया मार्केटिंग के विशेषज्ञ प्रदीप अवस्थी कहते हैं कि मौजूदा वक्त में किसी मैसेज को वायरल करना चुटकियों का काम है। आज वॉट्सऐप के अलावा स्नैपचैट, टेलीग्राम, फेसबुक मैसेंजर, इंस्टाग्राम, गूगल आदि प्लेटफॉर्म्स भी हैं, जिनपर भी किसी मैसेज को बेहद तेजी से वायरल किया जा सकता है। ऐसे में सोशल मीडिया पर मैसेज को वायरल होने से रोकने के लिए कंपनियों को बहुत कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है।