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अमरीका: भारतीय मूल के सिख अमृत सिंह ने रचा इतिहास, हैरिस काउंटी में बने पहले पगड़ीधारी डिप्टी कांस्टेबल

टेक्सास में नई नीति लागू होने से सिखों के लिए अपने धार्मिक प्रतीकों को धारण करने का रास्ता साफ हो गया अब कोई भी सिख ड्यूटी के दौरान अपने धार्मिक चिन्हों पगड़ी, दाढ़ी और लंबे केश रख सकेंगे

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Indian-origin Sikh Amrit Singh

Indian-origin Sikh Amrit Singh become first turbaned deputy constable in Harris County

टेक्सास। अमरीका ( America ) में सिखों या अन्य दूसरे धर्म के लोगों के साथ कई घृण अपराध के मामले सामने आ चुके हैं। लेकिन इसके बावजूद भी कई ऐसे दूसरे देश के अमरीकी लोग हैं जिन्होंने अमरीका के लिए बहुत कुछ किया है।

अब भारतीय मूल के एक 21 वर्षीय सिख अमृत सिंह ( Indian-origin Sikh Amrit Singh ) ने इतिहास रचा है। अमृत सिंह टेक्सास के हैरिस काउंटी ( Harris County ) में डिप्टी कांस्टेबल ( deputy constable ) नियुक्त हुए हैं।

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सबसे अहम बात ये है कि अमृत सिंह ऐसे पहले भारतीय मूल के अमरीकी नागरिक होंगे जो ड्यूटी के दौरान अपने धार्मिक चिन्हों पगड़ी, दाढ़ी और लंबे केश रख सकेंगे। यानी की वे ऐसे पहले पगड़ीधारी कानून प्रवर्तन अधिकारी ( first turbaned deputy constable ) हैं।

इससे पहले इसी महीने 16 जनवरी को अमरीका ने एक बड़ा फैसला लेते हुए सिखों को एक बड़ी सौगात दी थी। अमरीका में 2020 में होने वाले जनगणना ( Census ) में सिख समुदाय को पहली बार एक अलग जातीय समूह के तौर पर गिनने का फैसला किया है। इससे पहले अमरीका में कभी भी सिखों को अलग जातीय समूह के तौर पर पहचान नहीं मिली थी।

धार्मिक प्रतीकों को धारण करने की मंजूरी

बता दें कि अमरीका या अन्य किसी भी देश में ड्यूटी के दौरान किसी भी धार्मिक चिन्हों को पहनने या धारण करने की मनाही होती है। हालांकि कई देशों में कानून के दायरे में इसकी इजाजत भी है।

अब से पहले अमरीका में सिखों को यह इजाजत नहीं थी। इसको लेकर कई सालों से सिख समुदाय ये मांग कर रही थी कि उन्हें उनके धर्म के अनुसार, ड्यूटी के दौरान भी पोशाक और कुछ धार्मिक चिन्हों को पहनने की अनुमति दी जाए।

आखिर कार बीते मंगलवार को यह मंजूरी मिल गई और नई नीति लागू होने से सिखों के लिए अपने धार्मिक प्रतीकों को धारण करने का रास्ता साफ हो गया। नई नीति के मुताबिक, हैरिस काउंटी के लगभग सभी कांस्टेबल कार्यालयों में प्रवर्तन अधिकारी वर्दी के साथ अपने धार्मिक चिन्हों को धारण कर सकते हैं।

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अब कोई भी सिख अधिकारी ड्यूटी के दौरान पगड़ी और दाढ़ी रख सकते हैं। यह उपलब्धि हासिल करने के बाद अमृत सिंह ने कहा, ‘मैं हमेशा से डिप्टी अधिकारी बनना चाहता था और मेरा सिख धर्म भी मेरे लिए उतना ही महत्वपूर्ण था।’

बता दें कि इससे पहले टेक्सास में बीते साल सितंबर में भारतीय मूल के एक सिख अफसर संदीप सिंह धालीवाल ( Sandeep Singh Dhaliwal ) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद से माहौल गर्म गया था। धालीवाल टेक्सास के सीनियर पुलिस अधिकारी थे और 10 साल से ड्यूटी में थे। पुलिस अधिकारी संदीप सिंह धालीवाल शादीशुदा थे और उनके तीन बच्चे हैं।

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