विश्‍व की अन्‍य खबरें

Kalpana Chawla का बड़ा सम्मान, उनके नाम से जाना जाएगा अमरीकी अंतरिक्षयान

नासा की भारतीय मूल की पहली महिला अंतरिक्ष यात्री Kalpana Chawla का सम्मान कल्पना के नाम से जाना जाएगा अब अमरीकी अंतरिक्षयान अमरीकी वैश्विक एरोस्पेस व रक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी, नॉर्थग्रुप ग्रमैन ने की घोषणा

2 min read
भारतीय मूल की पहली महिला अंतरिक्षयात्री कल्पना चावला

नई दिल्ली। अंतरिक्ष में जाने वाली पहली भारतीय महिला कल्पना चावला के नाम एक और सम्मान जुड़ गया है। दरअसल अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र के लिए उड़ान भरने वाले एक अमरीकी व्यावसायिक मालवाहक अंतरिक्षयान का नाम नासा ने अपनी दिवंगत अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला ( Kalpana Chawla ) के नाम पर रखा है।

नासा की एस्ट्रॉनॉट कल्पना चावला के मानव अंतरिक्षयान में प्रमुख योगदानों के लिए उन्हें ये सम्मान दिया गया है। अमरीकी वैश्विक एरोस्पेस व रक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी, नॉर्थग्रुप ग्रमैन ने घोषणा की है कि, इसके अगले अंतरिक्षयान सिग्नेस का नाम मिशन विशेषज्ञ की याद में 'एस एस कल्पना चावला' रखा जाएगा।

कंपनी ने कहा कि हम अपनी दिवंगत अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला का सम्मान कर रहे हैं, जिन्होंने भारतीय मूल की पहली महिला अंतरिक्षयात्री के रूप में नासा में इतिहास बनाया था। कंपनी ने अपने ट्वीट में ये भी कहा कि कल्पना चावला के मानव अंतरिक्षयान में योगदान का आने वाले लंबे समय तक प्रभाव रहेगा।

कंपनी की वेबसाइट पर ये जानकारी दी गई है कि अब नॉर्थरोप ग्रमैन एनजी-14 सिग्नस अंतरिक्षयान का नाम पूर्व अंतरिक्षयात्री कल्पना चावला के नाम पर रख कर काफी गौरवान्वित महसूस कर रहा है।

आपको बता दें कि यह कंपनी की परंपरा है कि वह प्रत्येक सिग्नस का नाम उस व्यक्ति के नाम पर रखता है, जिसने मानवयुक्त अंतरिक्षयान में महत्त्वपूर्ण अपना अहम योगदान दिया हो और महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हो।

इस वजह से हुआ कल्पना चावला का चयन
कंपनी ने बताया कि कल्पना चावला के नाम का चयन इतिहास में उनके प्रमुखस्थान को सम्मानित करने के लिए किया गया है।

आपको बता दें वर्ष 2003 में कोलंबिया में अंतरिक्षयान में सवार रहने के दौरान चालक दल के छह सदस्यों के साथ कल्पना चावला की मौत हो गई थी। धरती पर वापस आने के क्रम में यह यान पृथ्वी की कक्षा में प्रवेश करते ही टूटकर बिखर गया था।

कल्पना चावला का जन्म भारत के हरियाणा स्थित करनाल जिले में 1 जुलाई 1961 में हुआ था। कल्पना ने फ्रांस के जान पियर से शादी की जो एक फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर थे।

अंतरिक्ष की पहली यात्रा के दौरान कल्पना चावला ने अंतरिक्ष में 372 घंटे बिताए और पृथ्वी की 252 परिक्रमाएं पूरी की। इस सफल मिशन के बाद कल्पना ने अंतरिक्ष के लिए दूसरी उड़ान कोलंबिया शटल 2003 से भरी।

Published on:
14 Sept 2020 11:33 am
Also Read
View All

अगली खबर