
सिडनी: ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री मैल्कम टर्नबुल ने रविवार को न्यूजीलैंड से पापुआ न्यू गिनी के कुछ शरणार्थियों को पुनस्र्थापित करने के एक नए प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। 'बीबीसी' के अनुसार, लगभग 600 लोगों ने पापुआ न्यू गिनी के मैनुस द्वीप पर स्थित बंद किए गए आस्ट्रेलियाई केंद्र को छोड़ने से इनकार कर दिया और कहा कि वे स्थानीय लोगों के हमले से डरते हैं। टर्नबुल ने कहा कि वह इस समय अपने न्यूजीलैंड के समकक्ष जैसिंडा अर्डर्न के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं कर सकते हैं।
रविवार को हुई थी बातचीत
इन दोनों नेताओं के बीच रविवार को वार्ता हुई थी। अर्डर्न ने कहा था कि वह आस्ट्रेलिया द्वारा शरणार्थियों के साथ किए जा रहे व्यवहार को अनदेखा नहीं कर सकती हैं। एक नीति के तहत आस्ट्रेलिया ने नौका से अवैध रूप से पहुंचने की कोशिश करने वाले शरणार्थियों को शरण देने से मना कर दिया है और वहां पहुंचे लोगों को पापुआ न्यू गिनी (पीएनजी) के मैनुस द्वीप और प्रशांत द्वीपीय राष्ट्र नौउरू के शिविरों में स्थापित कर दिया गया है।
150 शरणार्थीयों के प्रस्ताव को ठुकराया
'बीबीसी' के अनुसार, न्यूजीलैंड ने पहले कहा था कि वह 150 शरणार्थियों को अपनाएगा, लेकिन आस्ट्रेलिया ने इस प्रस्ताव को बार-बार अस्वीकार कर दिया। ऑस्ट्रेलिया ने पीएनजी न्यायालय द्वारा असंवैधानिक बताने के बाद मंगलवार को मैनुस द्वीप पर स्थित अपने केंद्र को बंद कर दिया है, जिससे वहां के लोगों, जिसमें अधिकांश शरणार्थी हैं, के सामने पानी, बिजली, शौचालय की समस्या खड़ी हो गई है और उनके लिए भोजन की व्यवस्था भी खराब होती जा रही है। ये लोग जमीन से पानी निकालने व बर्तनों में बारिश के पानी को एकत्र करने पर मजबूर हैं।
शरणार्थियों को शरण देने से इनकार
एक नीति के तहत आस्ट्रेलिया ने नौका से अवैध रूप से पहुंचने की कोशिश करने वाले शरणार्थियों को शरण देने से मना कर दिया है और वहां पहुंचे लोगों को पापुआ न्यू गिनी (पीएनजी) के मैनुस द्वीप और प्रशांत द्वीपीय राष्ट्र नौउरू के शिविरों में स्थापित कर दिया गया है।
Published on:
06 Nov 2017 07:08 am
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