
Corona vaccination campaign started in these 11 countries of the world, how long will it start in India
नई दिल्ली। कोरोना महामारी ( Corona Epidemic ) से पूरी दुनिया जूझ रही है और लगातार कोरोना के नए मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। अब तक कोरोना के नए स्ट्रेन ( Corona Strain ) सामने आने के बाद से लोगों में एक दहशत का माहौल है। इन सबके बीच अच्छी बात ये है कि कुछ देशों में कोरोना वैक्सीन के सार्वजनिक टीकाकरण अभियान ( Corona Vaccination ) की शुरुआत हो चुकी है। ऐसे में बेसब्री के साथ वैक्सीन का इंतजार कर रही पूरी दुनिा के लोगों को बहुत जल्द वैक्सीन मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल, दुनिया के 11 ऐसे देश हैं, जहां पर कोरोना वैक्सीन के टीकाकरण की शुरुआत की गई है, इसमें अमरीका, ब्रिटेन, चीन, इजरायल, सऊदी अरब आदि देश भी शामिल हैं। अधिकतर देशों में अमरीकी कंपनी फाइजर और जर्मन कंपनी बायोएनटेक द्वारा संयुक्त रूप से विकसित वैक्सीन का उपयोग किया जा रहा है। लेकिन भारत में कोरोना वैक्सीन के टीकाकरण की शुरुआत कब होगी, इसको लेकर अभी को तारीख निश्चित नहीं है।
हालांकि, सिरम इंस्टीट्यूट की ओर से विकसित किए जा रहे कोरोना वैक्सीन को लेकर उम्मीद जताई जा रही है कि अगले साल जनवरी में वैक्सीन आ सकती है और फिर टीकाकरण अभियान को चलाया जा सकता है। सोमवार से टीकाकरण का पूर्वाभ्यास शुरू हो रहा है।
इन 11 देशों में कोरोना टीकाकरण की शुरुआत
ब्रिटेन :- कोरोना वैक्सीन के सार्वजनिक टीकाकरण की मंजूरी देने वाला ब्रिटेन पहला यूरोपीय देश है। ब्रिटेन में सात दिसंबर को टीकाकरण की शुरुआत हुई है और अब तक 6 लाख लोगों को टीका लगाया जा चुका है। प्राथमिकता के आधार पर स्वास्थ्यकर्मियों और 80 साल से उपर के बुजुर्गों को टीका लगाया जा रहा है। ब्रिटेन में फाइजर-बायोएनटेक वैक्सीन का इस्तेमाल किया जा रहा है।
अमरीका :- अमरीका में 14 दिसंबर को फाइजर-बायोएनटेक वैक्सीन के आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी दी है। इसके बाद अमरीकी कंपनी मॉडर्ना की वैक्सीन को भी मंजूरी मिल गई है। अमरीका के प्रसिडेंट इलेक्ट जो बिडेन ने सार्वजनिक तौर पर कोरोना टीका लगवाया है। अमरीका में प्राथमिकता के आधार पर स्वास्थ्यकर्मियों और 75 साल से अधिक आयु वर्ग के बुजुर्गों को टीका लगाया जा रहा है। अमरीका कोरोना महामारी से पूरी दुनिया में सबसे अधिक प्रभावित होने वाला देश है।
कनाडा :- कनाडा में भी 14 दिसंबर को ही फाइजर-बायोएनटेक कोरोना वैक्सीन के आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी मिलने के बाद टीकाकरण शुरू किया गया। कनाडा ने अपनी आबादी से पांच गुना अधिक खुराक खरीदा है। यहां पर सबसे पहले स्वास्थ्य सेवा से जुड़े लोगों को वैक्सीन दी जा रही है।
बहरीन :- बहरीन में 23 दिसंबर को टीकाकरण अभियान शुरू हुआ था। अरब जगत में टीकाकरण अभियान शुरू करने वाला बहरीन पहला देश है। बहरीन में फाइजर-बायोएनटेक की वैक्सीन मुफ्त दी जा रही है। यहां पर टीका लेने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करना पड़ता है। यहां पर चीन के बनाए टीके का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
इजरायल :- इजरायल में 20 दिसंबर को टीकाकरण अभियान की शुरुआत की गई। तत्कालीन प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को सबसे पहले टीका लगाया गया। इसके बाद स्वास्थ्य कर्मचारियों और सैनिकों को टीका लगाया गया। इसके एक दिन बाद 60 साल से आयु वर्ग के टीका लगाया गया। इजरायल में फाइजर-बायोनटेक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इजरायल ने जनवरी के अंत तक 20 लाख लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा है। इजरायल की आबादी 88 लाख है।
स्विटजरलैंड :- स्विटजरलैंड में 22 दिसंबर को टीकाकरण अभियान शुरू किया गया था। यहां पर भी फाइजर-बायोएनटेक वैक्सीन का टीका लगाया जा रहा है। प्राथमिकता के आधार पर 75 साल से उपर आयु वर्ग वाले बुजुर्ग और स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाया जा रहा है।
अर्जेंटीना :- अर्जेंटीना में रूस द्वारा निर्मित स्पूतनिक-वी वैक्सीन को लगाया जाएगा। यहां पर स्पूतनिक-वी वैक्सीन की तीन लाख खुराक पहुंच चुकी है। बहुत जल्द टीकाकरण की शुरुआत होगी।
आयरलैंड -: आयरलैंड में आज (शनिवार) को फाइजर-बायोएनटेक कोरोना वैक्सीन की खुराक पहुंच जाएगी और फिर अगले बुधवार से टीकाकरण शुरू हो जाएगा।
मोरक्को -: मोरक्को में भी जल्द ही टीकाकरण अभियान शुरू किया जाएगा। यहां चीन की सिनोफार्म और ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन की 6.5 करोड़ डोज पहुंच चुकी हैं।
रूस -: रूस ने स्वदेशी निर्मित स्पूतनिक-वी कोरोना वैक्सीन मंजूरी दी है और टीकाकरण अभियान की शुरुआत हो चुकी है। राजधानी मॉस्को के आम क्लिनिक में भी यह वैक्सीन उपलब्ध है। राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने दिसंबर के शुरुआत में ही टीकाकरण अभियान का ऐलान किया था। प्राथमिकता के आधार पर स्वास्थ्यकर्मियों, शिक्षकों और बुजुर्गों को टीका लगाया जा रहा है।
चीन :- चीन में कोरोना टीकाकरण की शुरुआत हो चुकी है और एक बड़ी आबादी को लगाया जा चुका है। चीन ने 18 दिसंबर को ये ऐलान किया था कि वह जोखिम वाले ग्रुप में शामिल पांच करोड़ लोगों को टीका लगाएगा। 15 जनवरी तक करीब ढाई करोड़ लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
आपको बता दें कि तीन लातिन अमरीकी देश मैक्सिको, चिली और कोस्टारिका में गुरुवार से कोरोना टीकाकरण की शुरुआत हो गई। इन तीनों देशों में फाइजर-बायोएनटेक की वैक्सीन का उपयोग किया जा रहा है।
Updated on:
26 Dec 2020 09:02 pm
Published on:
26 Dec 2020 08:44 pm
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