Coronavirus को लेकर हुआ बड़ा खुलासा, मरीज को बना सकता है 'बहरा', आठ हफ्तों के बाद दिखाएगा असर

Highlights
- कोरोना वायरस (Coronavirus) की फैलने का सबसे बड़ा कारण यह है कि ये महामारी हर दिन अपना लक्षण बदल रही है
- हाल ही में स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से 11 नए लक्षणों के बारे में बताया गया था
- वहीं अब ब्रिटेन के मैनचेस्टर (Manchester of Britain) में एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है कि कोरोना वायरस से हमारी सुनने (Deaf) की शक्ति भी कम हो जाती है

नई दिल्ली. देश में एक दिन में कोरोना वायरस (Coronavirus) के सबसे ज्यादा 57,118 मामले सामने आए हैं। इस बीमारी के कुल मरीजों की संख्या शनिवार को करीब 17 लाख पहुंच गई। स्वास्थ्य मंत्रालय (Ministry of Health) की जारी रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटों में सर्वाधिक 57,118 नए मामले सामने आए हैं।

जिसके बाद कुल संक्रमित (Coronavirus Update) मामलों की संख्या 17 लाख के आंकड़े (Coronavirus in India) के करीब पहुंच गई है। आंकड़ों के मुताबिक कुल संक्रमितों की संख्या 16,95,988 हो चुकी है। इस दौरान 764 लोगों की मौत हुई है, जिसके बाद कुल मृतकों की संख्या 36,511 हो गई है। वहीं अब तक 10,94,374 लोग इस वायरस को मात देकर ठीक होने में कामयाब रहे हैं।

वायरस बना सकता है बहरा

कोरोना वायरस (Coronavirus) की फैलने का सबसे बड़ा कारण यह है कि ये महामारी हर दिन अपना लक्षण बदल रही है। हाल ही में स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से 11 नए लक्षणों के बारे में बताया गया था। वहीं अब ब्रिटेन के मैनचेस्टर (Manchester of Britain) में एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है कि कोरोना वायरस से हमारी सुनने (Deaf) की शक्ति भी कम हो जाती है। यानी कोरोना वायरस हमें बहरा भी बना सकता है।

8 में से एक की कम हो सकती है सुनने की शक्ति

इस शोध अध्ययन में पता चला है कि कोरोना वायरस संक्रमण से इंसानों की सुनने की क्षमता में भी कमी आ सकती है। इस अध्ययन के अनुसार, आठ में से एक कोरोना संक्रमित मरीज की सुनने की शक्ति कम हो सकती है।

121 मरीजों पर हुआ अध्ययन

यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर के ऑडियोलॉजिस्ट ने 121 वयस्क संक्रमित मरीजों पर यह अध्ययन किया है। कोरोना संक्रमण के कारण इन मरीजों को वीथेनशावे अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

लंबे समय के लिए कर सकता है प्रभावित

ब्रिटेन में हुए इस शोध अध्ययन को इंटरनेशनल जर्नल ऑफ ऑडियोलॉजी में प्रकाशित किया गया है। इस शोध के निष्कर्ष में बताया गया है कि कोविड-19 इंसानों में सुनने की शक्ति को लंबे समय के लिए प्रभावित कर सकता है।

आठ हफ्तों बाद खत्म हो जाती है सुनने की क्षमता

अध्ययन के दौरान जब मरीजों से उनके सुनने की क्षमता के बारे में पूछा गया तो 121 में से 16 लोगों ने कहा कि अस्पताल से डिस्चार्ज होने के आठ हफ्ते बाद उनके सुनने की क्षमता बहुत कम हो गई थी। इनमें से आठ लोगों ने उनकी श्रवण शक्ति के बेहद खराब परिस्थिति की बात कही, जबकि आठ लोगों ने टिनीटस की शिकायत की।

बता दें कि टिनीटस एक एेसी दिक्कत है जिसमें लगता है कि कान में कुछ बज रहा है। मरीज को एेसा लगता है जैसे कान में कोई सीटी बज रही है या फिर कुछ अलग तरह का शोर।

जानिए क्या कहते हैं शोधकर्ता

इस अध्ययन को लेकर शोधकर्ताओं में शामिल प्रो. केविन मुनरो ने कहा, "यह मुमकिन है कि कोरोना इंसानों की श्रवण प्रणाली को नुकसान पहुंचाता है, खासकर कान के मध्य भाग को।" कान का मध्य भाग एक ट्यूब की तरह होता है जो कान के पर्दे से सुनने वाली तंत्रिका और गले तक जाता है।

प्रोफेसर मुनरो ने कहा, जिन लोगों को पहले से कम सुनने की बीमारी है उनके लिए कोविड-19 गंभीर दुष्परिणाम पैदा कर सकता है। इससे ऐसे लोगों में तनाव और घबराहट बढ़ सकती है।

Coronavirus Outbreak
Ruchi Sharma
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