
अमरीका के खिलाफ खड़ा हुआ जर्मनी और यूरोपीय संघ, ट्रंप की जमकर आलोचना
वाशिंगटन। जब से अमरीका ने ईरान के साथ परमाणु समझौता तोड़ा है तब से कई देशों में उसकी छवि खराब हुई है। यहां तक की अमरीका का अहम सहयोगी जर्मनी भी खफा है। जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल का कहना है कि यह डील तोड़कर अमरीका ने मध्य पूर्व की स्थिति को बिगाड़ दिया है। उन्होंने यह बात रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात के दौरान कही। मर्केल का कहना है कि यह समझौता ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पारदर्शी बनाने के साथ उसे नियंत्रित रखने के लिए महत्वपूर्ण है। उनका कहना कि जर्मनी भी इस समझौते से निकलना नहीं चाहती था।
अमेरिका से टूट रहा जर्मनवासियों का भरोसा
जर्मनी में हुए सर्वे में यह बात सामने आई कि अमरीका के इस फैसले से यहां के लोगों में काफी बदलाव आया है। जर्मनी के सरकारी ब्रॉडकास्टर जेडडीएफ के सर्वे में करीब 82 फीसदी जर्मनवासियों का मानना है कि अमेरिका अब भरोसमंद भागीदार नहीं रह गया है। सर्वे में सिर्फ 14 फीसद लोगों ने माना कि अमेरिका अब भी जर्मनी का भरोसेमंद साझेदार है। सर्वे में हिस्सा लेने वाले 36 फीसदी लोगों ने रूस को जर्मनी का मजबूत सहयोगी कहा है। 43 फीसदी लोगों को लगता है कि नया मजबूत साझेदार चीन हो सकता है। ट्रंप के राष्ट्रपति कार्यकाल के 16 महीने बाद हुए इस सर्वे में 94 फीसदी जर्मनों ने कहा कि अमेरिका के बदले रुख के बाद अब यूरोपीय संघ को और ज्यादा अंदरूनी सहयोग की जरूरत है।
ट्रंप ने दोस्त से ज्यादा दुश्मन का काम किया
इससे पहले यूरोपीय यूनियन के अध्यक्ष डोनाल्ड टस्क ने भी अमेरिका के ईरान परमाणु करार से हटने पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि ट्रंप ने दोस्त से ज्यादा दुश्मन का काम किया है। ईयू प्रमुख ने यूरोपीय नेताओं से ट्रंप के फैसले के खिलाफ संयुक्त यूरोपीय मोर्चा बनाने की अपील की है। इसकी मदद से अमरीका के फैसले का विरोध किया जाए। साथ ही अमरीकी नीतियों को बदलने की कोशिश की जाएगी।
Published on:
21 May 2018 02:51 pm

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