भारत, अमरीका समेत अन्य देशों ने कितनी COVID-19 Vaccine के दिए ऑर्डर

  • वैश्विक अध्ययन के मुताबिक भारत COVID-19 Vaccine में बढ़त रखता है।
  • दुनिया को कवर करने के लिए पर्याप्त टीकों के निर्माण में 3-4 साल लगेंगे।
  • उच्च आय और भारत जैसी विनिर्माण क्षमता वाले कुछ देशों ने करीब 3.8 अरब खुराक खरीदीं।

 

नई दिल्ली। भारत ने कोरोना वायरस बीमारी की वैक्सीन ( covid-19 vaccine ) की 60 करोड़ खुराक का प्री-ऑर्डर करने के लिए अपनी विनिर्माण क्षमता का इस्तेमाल किया है और अब एक अरब और खुराक के लिए बातचीत कर रहा है, जो प्रायोगिक टीकों के लिए 8 अक्टूबर तक अग्रिम बाजार प्रतिबद्धताओं (AMCs) के एक नए वैश्विक विश्लेषण के अनुसार कम से कम आधी आबादी का टीकाकरण करने के लिए पर्याप्त है।

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दरअसल, ज्यादातर प्रयोगात्मक Covid-19 टीकों के लिए दो खुराक की आवश्यकता होती है। यह आंकड़े केवल अमरीका के बाद दूसरे स्थान पर हैं, जिसमें अमरीका ने 81 करोड़ वैक्सीन के प्री-ऑर्डर की पुष्टि की गई है और अभी 1.6 अरब वैक्सीन को लेक बातचीत जारी है।

अमरीका स्थित ड्यूक ग्लोबल हेल्थ इनोवेशन सेंटर द्वारा कोविड-19 टीकों के लिए खरीद समझौतों के विश्लेषण में पता चला कि दुनिया की आबादी को कवर करने के लिए पर्याप्त टीकों के निर्माण में तीन से चार साल लगेंगे, लेकिन उच्च आय वाले देशों और भारत जैसे विनिर्माण क्षमता वाले कुछ मध्यम-आय वाले देशों ने पहले ही लगभग 3.8 अरब खुराकें खरीद ली हैं और इसके साथ अन्य पांच अरब वैक्सीन का भी विकल्प है।

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विश्लेषण का नेतृत्व करने वाली ड्यूक ग्लोबल हेल्थ इनोवेशन सेंटर में अस्टिटेंट डायरेक्टर (प्रोग्राम) एंड्रिया डी टेलर ने कहा, "पुष्टि की गई खुराक की संख्या के संदर्भ में, अमरीका ने सबसे बड़ी संख्या (81 करोड़ की पुष्टि की, 1.6 अरब खुराक बातचीत के तहत) का आदेश दिया है, इसके बाद भारत (60 करोड़ खुराक की पुष्टि की गई, 1 अरब और खुराक के लिए बातचीत जारी) और यूरोपीय संघ (40 करोड़ खुराक की पुष्टि की, 1.56 अरब खुराक पर बातचीत जारी) हैं। लेकिन पुष्टि की गई खरीद द्वारा कवर की गई जनसंख्या के प्रतिशत के मामले में कनाडा ने अपनी आबादी के 527 फीसदी हिस्से को कवर करने के लिए पर्याप्त वैक्सीन खरीद ली है, इसके बाद ब्रिटेन में उनकी आबादी का 277 फीसदी हिस्सा कवर होता है।"

टेलर ने कहा, "बेशक, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि रेगुलेटरी से स्वीकृति के आधार पर सबसे अधिक संभावना केवल कुछ वैक्सीन की खरीद के माध्यम से आएगी।"

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम ना छापने की शर्त पर कहा, "भारत कोविड-19 के खिलाफ दुनिया की रक्षा करने के लिए टीके का उत्पादन कर रहा है, लेकिन इसे यह सुनिश्चित क्यों नहीं करना चाहिए कि उसके अपने नागरिकों को भी सुरक्षित किया जाए? सरकार अपने नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, इसलिए यह सुनिश्चित करने के लिए सभी उपाय किए गए हैं कि वे उपलब्ध होने पर टीकों की पर्याप्त खुराक प्राप्त करें।"

चूंकि प्रयोगात्मक टीकों में से किसी को भी अभी तक रेगुलेटरी अप्रूवल नहीं मिला है, इसलिए देशों द्वारा कई वैक्सीनों को खरीदकर दांव लगाया जा रहा है और इनमें से कुछ सौदों के कभी भी हकीकत में तब्दील नहीं होने की पूरी संभावना है। उदाहरण के लिए यूनाइटेड किंगडम ने चार अलग-अलग वैक्सीन तकनीकों का उपयोग करते हुए पांच अलग-अलग वैक्सीन के साथ समझौते बनाए हैं।

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अमित कुमार बाजपेयी
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