
उत्तर कोरिया ने वार्ता तोड़ने के लिए अमरीका को दोषी ठहराया
वाशिंगटन। उत्तर कोरिया ने अपने नेता किम जोंग उन के साथ सिंगापुर में होने वाली मुलाक़ात से अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के पीछे हटने पर निराशा जताई है। उत्तर कोरियाई मीडिया का कहना है कि अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप का ये फ़ैसला दुनिया की इच्छा के अनुरूप नहीं है।
हरसंभव समाधान करना चाहते थे
उत्तर कोरिया का कहना है कि किम जोंग उन ने राष्ट्रपति ट्रंप के साथ मुलाक़ात के लिए बहुत प्रयास किए गए। उत्तर कोरिया का कहना है कि वो अमरीका के साथ मुद्दों का हरसंभव समाधान करना चाहता है। इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप के फ़ैसले पर व्हाइट हाउस के अधिकारियों का कहना था कि उत्तर कोरिया ने कई वायदे तोड़े हैं।
पर्यवेक्षकों को आने की अनुमति नहीं दी
व्हाइट हाउस के अधिकारी ये भी कह रहे हैं कि उत्तर कोरिया के प्रतिनिधि पिछले हफ्ते सिंगापुर में योजना बैठक की भी तैयारी नहीं कर पाए। अमरीका का कहना है कि उत्तर कोरिया ने पर्यवेक्षकों को आने की अनुमति नहीं दी ताकि वे परमाणु परीक्षण को तबाह करते देख पाते। हालांकि उत्तर कोरिया ने विदेशी पत्रकारों समूह को वहां ले जाकर इसका गवाह बनाया था। इस दौरान सिर्फ दक्षिण कोरिया की मीडिया को वापस लौटाया गया था।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने चिंता जताई
संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा है कि अमरीका और उत्तर कोरिया को परमाणु निरस्त्रीकरण की दिशा में रास्ता तलाशना जारी रखना चाहिए। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जेइ इन ने भी खेद जताते हुए अपने तमाम आला सुरक्षा सहयोगियों को आपात बैठक के लिए तलब किया है। वहीं अमरीका की डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता नैंनी पेलोसी ने ट्रंप की आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि इससे पता चलता है कि उत्तर कोरिया से निपटने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप के दिमाग में कितनी गहराई है। वह इस वार्ता के लिए कभी भी तैयार नहीं थे।
Published on:
25 May 2018 12:17 pm
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